Gurdaspur Factory Explosion: बटाला की फैक्ट्री में धमाके ( Batala Crackers Factory Explosion ) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है...
(गुरदासपुर): गुरदासपुर जिले का बटाला कस्बा आज एक बडे हादसे का गवाह बन गया। पटाखा फैक्ट्री मेें आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। अगर प्रशासन सर्तक रहता
और फैक्ट्री मालिक की ओर से सावधानी बरती जाती तो इतने लोगों की जान बच सकती थी। क्या हुई लापरवाही जो जान पर बन आई...
21 मरे, 50 के फंसे होने की आशंका
आज यानि 4 सितंबर को दोपहर तीन बजे पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त धमाका हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि फैक्ट्री की दोनों इमारतें ध्वस्त हो गई। धमाके से आसपास से गुजर रहे लोग और इमारतें भी चपेट में आ गए। आसपास के करीब 50 घर इस धमाके से प्रभावित हुए हैं। इस घटना में21 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 09 लोग घायल हैं। घटना में हताहतों की संख्या बढ़ कर 50 होने की आशंका है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू जारी
छह घायलों को बटाला के सिविल अस्पताल में और बाकी को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के आसपास की दो इमारतों में भी कई लोग फंसे हुए हैं। जिन्हें बाहर निकालने का कार्य जारी है।
उछल कर दूर जा गिरे शव
धमाका इतना जबरदस्त था कि मृतकों के शव घटनास्थल से काफी दूर जाकर गिरे। जानकारी के मुताबिक इस ब्लास्ट के साथ आसपास की करीब आधा दर्जन इमारतें मलबे में तबदील हो गईं। वहीं नजदीक खड़ी कई कारें व अन्य वाहन भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इस धमाके के कारण फैक्ट्री का मलबा काफी दूर जा कर गिरा। खबर लिखे जाने तक पटाखा फैक्ट्री में और भी छोटे-छोटे धमाके हो रहे थे।
पहले भी हुआ था धमाका, नहीं चेते
बता दें कि लगभग दो-तीन साल पहले भी इस फैक्ट्री में धमाका हुआ था परन्तु, प्रशासन ने इस फैक्ट्री को रिहायशी इलाके से बाहर निकालने के लिए कोई जरूरी कदम नहीं उठाए। ना ही फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे। इसका खामियाजा बटाला की जनता को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ा।