
पंजाब में टारगेट किलिंग के मामले में खुलासा (ANI)
Punjab ISI Killing: पंजाब के गुरदासपुर जिले में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह चौकी भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रणजीत सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया। आरोपी की उम्र मात्र 19 साल थी और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। पुलिस का कहना है कि उसे पैसों का लालच देकर इस वारदात में शामिल किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उनके मुताबिक तीनों आरोपी रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स के संपर्क में थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों को इस हत्या के बदले 4 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। दिलावर सिंह को 20 हजार रुपये मिलने थे, जिसमें से 3 हजार रुपये उसे पहले ही दिए जा चुके थे। इसके अलावा आरोपियों को 3 लाख रुपये किसी अज्ञात स्रोत से मिलने थे, जिसकी जांच अभी की जा रही है।
तीनों आरोपी आदियां गांव के ही निवासी थे। स्थानीय होने के कारण उन्हें इलाके की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कई दिनों तक पुलिस चौकी की रेकी की और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार यह एक सुनियोजित टारगेट किलिंग थी। इंद्रजीत सिंह, जिसकी उम्र 21 वर्ष है, पहले से नशा तस्करी के तीन मामलों में नामजद है। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश में छापेमारी जारी है।
डीआईजी संदीप गोयल ने स्पष्ट किया कि घटना वाले दिन नाके पर दो पुलिसकर्मी ही तैनात थे और ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आई है। घटना के बाद सामने आई एक पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की वीडियो की भी जांच की जा रही है।
आपको बता दें की 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड रणजीत सिंह बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। मामले में दिलावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह अभी भी फरार है। जांच में आईएसआई कनेक्शन का खुलासा हुआ है और यह पूरी साजिश मात्र 4 लाख रुपये के बदले रची गई थी।
Published on:
25 Feb 2026 04:08 pm
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