
राजीव कुमार की रिपोर्ट...
(गुवाहाटी): असम में फेक फेसबुक अकाउंट धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं। इसमें आम जनता के नाम फर्जी फेसबुक अकाउंट खोलने के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारियों के नामों पर भी अकाउंट खोले जा रहे हैं। गुरुवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया के नाम से फेसबुक का फर्जी अकाउंट सामने आया। गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त हीरेन नाथ के नाम से भी एक फर्जी फेसबुक अकाउंट जून में खोला गया था। नाथ ने थाने में मामला दर्ज कराया। इसके बाद नगांव से एक युवक की गिरफ्तारी हुई। लेकिन इन सबके बाद भी फर्जी अकाउंट बनानेवालों ने अपना धंधा बंद नहीं किया है।
इस नाम से है रियल अकाउंट
पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया का फेसबुक पर एक निजी अकाउंट है। इसमें उनका नाम कुल सैकिया है। दूसरा और कोई अकाउंट वे नहीं चलाते हैं। पानबाजार थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस यह फर्जी अकाउंट खोलने वाले का पता लगा रही है। उनके फर्जी अकाउंट में ज्यादा दोस्त नहीं हुए हैं। उनके टाइमलाइन पर पश्चिम बंगाल में होनेवाली तृणमूल रैली का जिक्र है। असम के कार्बी आंग्लांग में सोशल मीडिया की अफवाह के चलते दो युवकों को जान गंवानी पड़ी थी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई थी कि बच्चे चुराने का गुट राज्य में सक्रिय है। इस घटना के बाद राज्य पुलिस ने विशेष साइबर पेट्रोलिंग विंग गठित किया ताकि सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा साइबर डोम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रतिबंधित संगठन बना रहे फेसबुक अकाउंट
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पद के अधिकारी को जिम्मेवारी सौंपी गई है। राज्य का एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन भी फेसबुक में हाल ही कदम रख चुका था। पुलिस ने फेसबुक प्रबंधन से शिकायत के बाद इसे बंद कराया है। राज्य में जल्द ही राष्ट्रीय नागरिक पंजी(एनआरसी) के अद्यतन का अंतिम प्रारुप आएगा। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि असामाजिक तत्व एकता व भाईचारे को नष्ट करने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है।