असम के नगांव में एक व्यक्ति ने अपनी लकवाग्रस्त मां को नदी में फेंक दिया। पुलिस को जब यह बात पता चली, तो उसने मां को फेंकने वाले व्यक्ति प्रमोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया
(राजीव कुमार की रिपोर्ट)
गुवाहाटी। असम के नगांव में एक व्यक्ति ने अपनी लकवाग्रस्त मां को नदी में फेंक दिया। पुलिस को जब यह बात पता चली, तो उसने मां को फेंकने वाले व्यक्ति प्रमोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार प्रमोद अग्रवाल ने नगांव शहर के बीच से बहने वाली कलंग में बुधवार की रात 10 बजे अपनी मां रत्ना देवी अग्रवाल को फेंक दिया। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है। नदी में पानी का स्तर ज्यादा रहने के कारण शव को खोजने में कठिनाइयां आ रही हैं।
शराब के नशे में मिला आरोपी
स्थानीय पुलिस ने बताया कि हमें रात को करीब 10.30 बजे यह खबर मिली। हमने तुरंत ईटाचाली थाने की पुलिस से संपर्क किया और पुलिस को घटनास्थल की तरफ रवाना किया। इसके बाद हमने पाया कि जिस व्यक्ति ने वृद्धा को नदी में फेंका था वह नगांव के मारवाड़ी पट्टी का रहने वाला प्रमोद अग्रवाल था। उस समय वह शराब के नशे में था। उसे हम नगांव सरकारी अस्पताल में ले आए और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया। इस घटना को अंजाम देने वाले प्रमोद अग्रवाल से संवाददाताओं ने पूछा कि उसने इस तरह अपनी मां को नदी में क्यों फेंका तो उन्होंने साफ शब्दों में बताया की वह अपनी मां के खर्च को वहन नहीं कर सकता था और जिंदगी से तंग आ गया था। इसके बाद उसने यह रास्ता अपनाया।
खुद भी आत्महत्या करना चाहता था
अग्रवाल ने बताया कि वह रात को अपनी मां को ई-रिक्शा में बैठाकर उक्त घटनास्थल पर लेकर आया था और वह खुद भी अपनी मां के साथ आत्महत्या करना चाहता था। पर नशे की हालत में रहने के कारण वह पुल के किनारे में अटक गया। मां उसकी नदी में जा गिरी। उसके बाद उसको कुछ पता नहीं कि क्या हुआ। जब उसको होश आया, तो पुलिस की हिरासत में पाया। साथ ही अग्रवाल ने बताया कि उसकी मां लकवाग्रस्त थी। इसके बाद मैंने अपनी प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी। मेरे पास इतना पैसा नहीं था कि अपनी मां का इलाज करवा सकूं। इसके बाद मैंने यह रास्ता अपनाया।