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20 में से 18 मुस्लिम कैंडिडेट जीते: असम-केरल में कांग्रेस की चौंकाने वाली रणनीति, बड़े नेता ने बुरी तरह घेरा

Assam election 2026 Congress:असम चुनाव में कांग्रेस का चौंकाने वाला प्रदर्शन देखने को मिला है। 20 में से 18 मुस्लिम उम्मीदवार जीत गए, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का लगभग सफाया हो गया। उधर, मौलाना अजमल बोले- कांग्रेस अब नई मुस्लिम लीग बन गई।

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Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Photo - ANI)

असम विधानसभा चुनाव (Assam Vidhan Sabha Elections) के नतीजों ने कांग्रेस की सियासी तस्वीर बदल दी है। जहां पार्टी के गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का लगभग सफाया हो गया है, वहीं मुस्लिम उम्मीदवारों ने कमाल का प्रदर्शन किया।

इस बीच, एआईयूडीएफ प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर गजब तंज कसा है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा- कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन गई है। बता दें कि असम में कांग्रेस ने 20 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। इनमें से 18 ने जीत हासिल कर ली।

101 सीटों पर उतारे गए थे उम्मीदवार

वहीं, बाकी 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में सिर्फ एक ही जीत सका। पार्टी ने कुल 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन नतीजे ने साफ कर दिया कि इस बार कांग्रेस का भरोसा मुस्लिम वोट बैंक पर ज्यादा था।

कई जगहों पर कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों ने 20 हजार से लेकर एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। गौरिपुर, जलेश्वर, समागुरी और अलगपुर-कटलीचेरा जैसी सीटों पर भारी मार्जिन रहा।

असम में कांग्रेस का मुस्लिम चेहरा

कांग्रेस के सहयोगी राइजोर दल ने भी दो सीटें जीतीं। इनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार की जीत शामिल है। दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती, जो एनआईए की जांच का सामना कर रहे हैं।

बीजेपी को असम में 37.81 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 29.84 प्रतिशत। लेकिन वोट शेयर से ज्यादा अहम बात उम्मीदवारों की सफलता दर है। मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस ने अपना दबदबा दिखाया।

अजमल का एक और तंज तंज

मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर एक और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा- जो दूसरों के लिए कुआं खोदते हैं, खुद उसी में गिर जाते हैं। कांग्रेस ने एआईयूडीएफ को हराने की कोशिश की, लेकिन खुद खत्म हो गई। मुझे दुख है कि कांग्रेस मुस्लिम लीग बन गई है।

केरल में भी अच्छा प्रदर्शन

असम के अलावा केरल में भी कांग्रेस और उसके सहयोगी यूडीएफ ने अच्छा मुकाबला किया। केरल में 35 मुस्लिम विधायकों में से 30 यूडीएफ के हैं। इनमें कांग्रेस के 8 और आईयूएमएल के 22 विधायक शामिल हैं।

आईयूएमएल की फातिमा थाहिलिया ने कोझीकोड की पेराम्ब्रा सीट पर सीपीआई(एम) के टीपी रामकृष्णन को हराकर इतिहास रचा। वे पार्टी की पहली मुस्लिम महिला विधायक बनीं।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कांग्रस का हाल

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस सिर्फ दो सीटें जीत सकी, वो भी मुस्लिम बहुल इलाकों से। पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस से ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे। तमिलनाडु में कांग्रेस ने दो मुस्लिम उम्मीदवारों में से एक को जिताया।

कुल मिलाकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की सफलता दर 80 प्रतिशत से ऊपर रही, जो काफी प्रभावशाली है। हालांकि पार्टी को असम और पश्चिम बंगाल में कुल मिलाकर झटका लगा।

राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि कांग्रेस अब कुछ राज्यों में खास समुदाय पर निर्भर होती जा रही है। असम के नतीजे इस रुझान को और साफ करते हैं। अब देखना होगा कि यह रणनीति पार्टी को लंबे समय में कितना फायदा या नुकसान पहुंचाती है।