
ग्वालियर. पड़ाव के नए ओवरब्रिज पर 30 जुलाई की सुबह बाइक सवार युवक-युवती को कार से टक्कर मारकर भागने के मामले का 19 दिन बाद पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कार की हेडलाइट और टेललाइट की तेज रोशनी के कारण फुटेज में नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में पुलिस टीम ने एआइ की मदद ली। स्मार्ट ऑटो एक्सपोजर तकनीक से कार को ट्रैक करते हुए पुलिस आरोपी रोहित स्वामी तक पहुंची। पुलिस ने कार भी जब्त कर ली है। पुलिस के मुताबिक, 30 जुलाई की सुबह नंदनी (19) और उसके पड़ोसी सिद्धांत उर्फ सिद्धू बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान कार क्रमांक 23 बीएच 7698 उनका पीछा कर रही थी। पड़ाव ओवरब्रिज पर कार चालक ने बाइक को ओवरटेक कर रोकने की कोशिश की और पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी मौके से भाग गया। नंदनी गंभीर रूप से घायल हुई थी, जबकि सिद्धांत भी घायल हुआ था।
शक हुआ तो रोका, बाइक भगाई तो पीछा किया
पुलिस हिरासत में रोहित ने बताया कि वह 30 जुलाई की रात कार लेकर निकला था। सुबह करीब 4.15 बजे बैजाताल रोड पर उसे नंदनी और सिद्धांत बाइक के साथ खड़े दिखाई दिए। सुनसान जगह पर दोनों को देखकर उसे शक हुआ तो उसने कार रोककर उनसे पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, रोहित को देखते ही सिद्धांत ने बाइक दौड़ा दी। इसके बाद रोहित भी कार से उनका पीछा करने लगा। पड़ाव ओवरब्रिज पर उसने बाइक को ओवरटेक कर रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार बाइक से टकरा गई। हादसे के बाद वह घबरा गया और मौके से भाग निकला। हालांकि पुलिस का कहना है कि रोहित घटना के पीछे की सही वजह नहीं बता रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने पुलिस को सूचना देने के बजाय दोनों का पीछा क्यों किया और टक्कर के बाद मौके से क्यों फरार हो गया।
पुल के नीचे कार खड़ी कर छिपा रहा
पड़ाव थाना टीआइ शैलेन्द्र भार्गव के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में सामने आया कि टक्कर के बाद रोहित गांधी रोड, राजामाता चौराहा और एजी पुल होते हुए बसंत विहार की ओर गया। इसके बाद वह पुराने ओवरब्रिज से मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के पास पहुंचा और नए आरओबी के नीचे कार खड़ी कर कुछ देर छिपा रहा। तब तक पुलिस घायल नंदनी और सिद्धांत को अस्पताल पहुंचा चुकी थी। दोनों को वहां नहीं देखकर रोहित कार लेकर मौके से निकल गया।
अपहरण के मामले के बीच हुआ था हादसा
इंदरगढ़, दतिया निवासी सुरेश वाल्मीकि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी नंदनी का 19 जुलाई को पड़ोसी सिद्धांत ने अपहरण किया है।25 जुलाई को इंदरगढ़ थाने में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया था। इसी बीच 30 जुलाई को उसके पड़ाव क्षेत्र में एक्सीडेंट की सूचना मिली। परिजन जेएएच अस्पताल पहुंचे तो नंदनी गंभीर हालत में मिली। याचिका में उसके चेहरे, गर्दन और सीने पर धारदार हथियार जैसी चीज से चोट लगने के आरोप भी लगाए गए थे। याचिका की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी धर्मवीर ङ्क्षसह यादव के निर्देश पर पुलिस टीम ने हादसे की कड़ियां जोड़ना शुरू किया। 100 से अधिक कैमरों की फुटेज और एआइ तकनीक की मदद से आखिरकार कार और उसके चालक की पहचान हो गई।