
वरुणावतार भगवान झूलेलाल के 40 दिवसीय महोत्सव के अंतिम नौरेजा के अवसर पर महिलाओं ने भजन गाते हुए मटकी यात्रा निकाली।
ग्वालियर. ग्वालियर में वरुणावतार भगवान झूलेलाल के 40 दिवसीय महोत्सव के अंतिम नौरेजा पर शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। शुक्रवार को माधौगंज और दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिरों में भव्य धार्मिक आयोजन हुए, जहां महिलाओं की मटकी यात्रा और भजनों की स्वर लहरियों ने समां बांध दिया।
सिर पर जल से भरी मटकी और झूलेलाल के जयकारे
माधौगंज मंदिर समिति के तरुण प्रेमानी 'डैनी' और अरुण तेजवानी ने बताया कि शाम को महिला श्रद्धालुओं ने लाल कपड़े में बंधी जल से भरी मटकियां सिर पर धारण कीं। गोरखी स्काउट से शुरू हुई यह मटकी यात्रा माधौगंज होते हुए झूलेलाल मंदिर पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत "खणी मटकी मथे ते जेको नचंदो, तंहिं जो भाग्य खुलन्दो… गाते हुए जमकर नृत्य किया। मंदिर पहुंचकर महिलाओं ने मटकी पूजन किया। आयोजकों ने बताया कि शनिवार, 22 अगस्त को छप्पन भोग और रविवार, 23 अगस्त को बहिराणा साहिब की विशेष पूजा होगी।
'बेड़ी पार लगाय झूलेलाल…' पर झूमे श्रद्धालु
वहीं, दानाओली स्थित झूलेलाल मंदिर में युवा गायक लवी कमल भगत (उल्हासनगर) की शानदार भजन संध्या ने देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा। युवा समिति के देवेश लुधानी और अनूप गंगवानी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत "बेड़ी पार लगाय झूलेलाल…" से हुई। इसके बाद उन्होंने "झूलण मुंहिंजो मस्त आ, सभिनी खां जबरदस्त आ…" जैसे लोकप्रिय भजन गाए, जिन पर युवा और बुजुर्ग सभी भक्तिभाव से झूम उठे। अंत में पारंपरिक पल्लव प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर आकाश पंजवानी, सन्नी चौधरी, निखिल पंजवानी और राजू बालानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Updated on:
21 Aug 2026 09:04 pm
Published on:
21 Aug 2026 08:57 pm
