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प्रदेश की सबसे बड़ी 21 करोड़ की ठगी में कंबोडिया कनेक्शन, मंदसौर से पकड़ा विदेशी ठगों का एजेंट पीके, 7 राज्यों में था वांटेड

चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ रुपये की मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के तार अब सीधे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश कंबोडिया से जुड़ गए हैं। राज्य साइबर सेल की विशेष टीम ने कंबोडियाई साइबर माफियाओं के मुख्य भारतीय एजेंट पिकेंश उर्फ पीके सूर्यवंशी (30) को मंदसौर से गिरफ्तार कर लिया है। शातिर पीके ने इंदौर में ट्रेडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की आड़ में साइबर ठगी का एक हाई-टेक सेटअप जमा रखा था। सीए से ठगी गई रकम में से 10 लाख रुपये सीधे पीके के इंडसइंड बैंक के चालू खाते में पहुंचे थे,
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Cambodia

भारतीय एजेंट पिकेंश उर्फ पीके सूर्यवंशी

ग्वालियर. चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ रुपये की मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के तार अब सीधे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश कंबोडिया से जुड़ गए हैं। राज्य साइबर सेल की विशेष टीम ने कंबोडियाई साइबर माफियाओं के मुख्य भारतीय एजेंट पिकेंश उर्फ पीके सूर्यवंशी (30) को मंदसौर से गिरफ्तार कर लिया है। शातिर पीके ने इंदौर में ट्रेडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की आड़ में साइबर ठगी का एक हाई-टेक सेटअप जमा रखा था। सीए से ठगी गई रकम में से 10 लाख रुपये सीधे पीके के इंडसइंड बैंक के चालू खाते में पहुंचे थे, जिसकी डिजिटल कड़ियों का पीछा करते हुए पुलिस उस तक पहुंच गई। पूछताछ में पीके ने खुलासा किया कि अंतरराष्ट्रीय गैंग ने साइबर फ्रॉड के लिए ट्रेडसीबीओईयूएस नाम से एक बेहद एडवांस और फर्जी वेब पेज बना रखा था। सीए अशोक विजयवर्गीय को इसी पेज पर फर्जी शेयर ट्रेडिंग और करोड़ों का फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था, जिसे देखकर वे निवेश करते चले गए। यह फर्जी वेब पेज कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स द्वारा विदेश की फर्जी आइपी से संचालित होता था। ठगी की कुल रकम का बड़ा हिस्सा क्रिप्टो और हवाला के जरिए कंबोडिया पहुंचता था, जबकि पीके को महज 20 हजार रुपये महीने की पगार और प्रति ट्रांजैक्शन कमीशन मिलता था।

कर्मचारियों के नाम पर म्यूल खाते, 7 राज्यों में वांटेड
जांच में सामने आया है कि पीके इंदौर में दफ्तर खोलकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी पर रखता था। इसके बाद सैलरी और सत्यापन के नाम पर उन्हीं मासूम कर्मचारियों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते (म्यूल अकाउंट्स) खुलवाकर ठगी का पैसा उनमें डायवर्ट कर देता था। पीके के अकेले एक खाते में ही 1 करोड़ रुपये से अधिक का ठगी का ट्रांजैक्शन मिला है। वह मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित कुल सात राज्यों की पुलिस का वांटेड अपराधी है।

हाथ से फिसले गैंग मेंबर
पलिस का कहना है ठग पीके ने साइबर फ्रॉड में शामिल कुछ और लोगों ने नाम पते भी बताए हैं। इन लोगों के जरिए ही वह कंबोडियाई ठगों से जुड़ा है। लेकिन ठगों की यह टोली हाथ से फिसल गई है। उनकी तलाश में टीम लगी है।

ठगों का एजेंट पकड़ा, रैकेट की कडिय़ां मिलीं
सीए से 21.05 करोड़ की साइबर ठगी में मंदसौर से ठगों का अहम गुर्गा पकड़ा है। अब तक इस केस मे´ शाजापुर के भाजपा नेता सहित तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सभी आरोपियों ने एपीके फाइल से फ्रॉड का खुलासा किया है। ठगों के कुछ और साथियों का पता चला है उन्हें भी तलाशा जा रहा है।

संजीव नयन शर्मा, राज्य साइबर सेल, डीएसपी ग्वालियर