
snake bite
ग्वालियर . शहर सहित पूरे अंचल में लगातार बारिश के बाद अब सांपों का आतंक तेजी से बढऩे लगा है। हालात यह है कि जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में इन दिनों हर दिन 15 से ज्यादा सर्पदंश के मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले 15 दिनों में 235 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें से 6 की जान नहीं बचाई जा सकी। बारिश के चलते पानी भरने से सांप अपने बिलों से बाहर आ रहे हैं। अस्पताल आने वाले अधिकांश मामले नॉन-पॉइजनस के होते हैं, लेकिन अंचल के इन हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कोबरा, वाइपर और करैत जैसी खतरनाक और जहरीली प्रजातियां भी बहुतायत में पाई जाती हैं, जिससे खतरा हमेशा बना रहता है।
जेएएच में सर्पदंश के शिकार मरीज सिर्फ ग्वालियर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इनमें धौलपुर, मुरैना, ङ्क्षभड, इटावा के साथ-साथ घाटीगांव, भितरवार, तिघरा और भंवरपुरा क्षेत्र के मरीज शामिल हैं। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि राहत की बात यह है कि जेएएच आने वाले मामलों में से सबसे ज्यादा मरीज बिना जहर वाले सांपों के काटने के होते हैं। हालांकि, सांप कौन सा था और जहर फैला है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए मरीजों को कम से कम 24 घंटे अस्पताल में अनिवार्य रूप से भर्ती रखा जाता है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके लक्षणों और शरीर पर पडऩे वाले असर की निगरानी करती है, जिसके बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाता है।
मुरार के रामनगर में रहने वाली 45 वर्षीय शमा कुरैशी को रविवार-सोमवार की रात सोते समय सांप ने काट लिया था। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जेएएच में भर्ती कराया गया, मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अस्पताल में सांप के जहर को बेअसर करने वाले एंटी-स्नेक वेनम के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। बारिश के दिनों में सांप काटने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अंचल के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। पिछले पंद्रह दिनों में ही 235 मरीज आ चुके हैं।
डॉ. मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जीआरएमसी
Updated on:
19 Aug 2026 05:30 pm
Published on:
19 Aug 2026 05:30 pm
