21 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Indore news: CA से ’21 करोड़’ की ठगी, इंदौर में बना रखा था साइबर फ्रॉड का ठिकाना

Cyber ​​fraud: चार्टर्ड अकाउंटेंट से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 21.05 करोड़ की साइबर ठगी में इंदौर का कनेक्शन सामने आया है। राज्य साइबर सेल ने भारत हैंडलर पिंकेश सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है।
2 min read
Google source verification
Cyber ​​fraud: करोड़ों की साइबर ठगी (Photo Source - AI)

Cyber ​​fraud: करोड़ों की साइबर ठगी (Photo Source - AI)

Indore news: एमपी मेंग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जांच में इंदौर का बड़ा कनेक्शन सामने आया है। राज्य साइबर सेल ने इस मामले में कंबोडिया में बैठे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के भारत में सक्रिय हैंडलर पिंकेश सूर्यवंशी (मल्हारगढ़, मंदसौर) को गिरफ्तार किया है। सेल के मुताबिक ठगी की रकम में से 10 लाख रुपए सीधे पिंकेश के करंट अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद उसने यह रकम देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय फ्यूल खातों में पहुंचाई।

जांच में सामने आया कि पिंकेश इंदौर में फर्जी डिजिटल मार्केटिंग और इन्वेस्टमेंट कंपनी की आड़ में साइबर ठगी का कॉल सेंटर चला रहा था। यहां वह बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर अपने नेटवर्क में शामिल करता था। युवाओं को पहले ट्रेनिंग दी जाती और फिर उनसे अलग-अलग बैंक खातों को ऑपरेट करवाया जाता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम पहुंचने के बाद उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

कंबोडिया में बैठे सरगनाओं से सीधे संपर्क

पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी सिर्फ बैंक खातों का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि उन्हें दूर बैठकर ऑपरेट करने के लिए विशेष एपीके फाइल और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल करता था। इन तकनीकी माध्यमों से दूसरे राज्यों के बैंक खातों को कंबोडिया में बैठे गिरोह के सरगनाओं के निर्देश पर रिमोटली कंट्रोल किया जाता था। यही वजह रही कि पुलिस को आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन को ट्रेस करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

फ्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क

साइबर सेल के अनुसार पिंकेश की भूमिका केवल रकम ट्रांसफर करने तक सीमित नहीं थी। वह कंबोडिया गैंग के लिए भारत में मुख्य अकाउंट और नेटवर्क हैंडलर के तौर पर काम कर रहा था। देश के अलग- अलग राज्यों में खोले गए फ्यूल खातों का नेटवर्क भी उसके जरिए संचालित किया जा रहा था। वह इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को कई स्तरों पर घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।

इंदौर में बनाया था बेस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इंदौर में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर से कितने लोगों को ठगी के नेटवर्क में जोड़ा गया और अब तक कितनी रकम यहां से अलग- अलग खातों में ट्रांसफर की गई। साथ ही पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कंबोडिया में बैठे सरगनाओं तक पहुंचने के लिए लेन-देन की कडिय़ां जोड़ रही है।