ग्वालियर

मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खुशखबरी, ग्वालियर में 285 करोड़ में बनेंगे 1675 हाईटेक पीएम आवास

PM Awas Yojana MP: पीएम आवास योजना के तहत मानपुर में 1675 नए आवासों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र और राज्य स्तर से मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है...
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PM Awas Yojana MP:1675 नए आवासों के निर्माण का रास्ता साफ (Photo Source- freepik)
PM Awas Yojana MP:1675 नए आवासों के निर्माण का रास्ता साफ (Photo Source- freepik)

PM Awas Yojana falt: एमपी के ग्वालियर शहर में बेघर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मानपुर में जल्द ही 1675 नए और आधुनिक आवासों का निर्माण होने जा रहा है। इस महापरियोजना की सबसे बड़ी रुकावट अब दूर हो चुकी है। योजना को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से लेकर केंद्र सरकार की सीएससी कमेटी तक से फाइनल अप्रूवल मिल चुका है।

जमीन का चयन पहले ही किया जा चुका है और अब इस पर काम शुरू करने के लिए तैयारियां की जा रही है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने इस मामले में पीएमएवाय की पूरी टीम को तत्काल निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में जिन लोगों को घर नहीं मिल पाए थे, वे लंबे समय से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। अपने घर के दूसरे चरण की प्रतीक्षा कर रहे इन हजारों लोगों की उम्मीदों को अब पंख लग गए है।

हर वर्ग का ध्यान

सहायक यंत्री पवन शर्मा ने बताया कि मानपुर में बनने वाले इन 1675 आवासों की कुल लागत करीब 285 करोड़ आएगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग के आशियाने का ध्यान रखा गया है। योजना के तहत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) 960 आवास, एलआइजी 576 (निम्न आय वर्ग), एमआइजी (मध्यम आय वर्ग) 139 आवास बनाए जाएंगे।

अब आगे क्या….

सभी विभागों से एनओसी मिलने और कमिश्नर के कड़े रुख के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही हफ्तों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अब वह दिन दूर नहीं जब ग्वालियर के 1675 और परिवारों के सिर पर खुद की पक्की छत होगी।

इंदौर में बनेंगे 8 हजार नए आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दूसरे चरण में शहर में करीब 8100 नए आवास बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सनावादिया, सिंदोड़ा, रंगवासा और उमरीखेड़ा सहित विभिन्न स्थानों का चयन किया गया है। हालांकि योजना के पहले चरण के कई प्रोजेक्ट अब भी अधूरे पड़े हैं।

कहीं हितग्राहियों को बुकिंग के डेढ़ साल बाद भी मकान का कब्जा नहीं मिला है तो कहीं प्रोजेक्ट बनकर तैयार हैं, लेकिन आवश्यक मंजूरियों के अभाव में उनकी बुकिंग तक शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में दूसरे चरण की तैयारी के बीच पहले चरण की प्रगति और योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Updated on:
10 Jul 2026 05:57 pm
Published on:
10 Jul 2026 05:57 pm