
Snake Bite Death hot spot gwalior: ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में बढ़ रहे सर्पदंश केस। भिंड में अंधविश्वास ने ली 32 वर्षीय युवक की जान, गर्दन पर काटा था सांप। (photo: patrika creative)
Snake bite Death Bhind Gwalior: मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग में भिंड जिले से सर्प दंश से एक 32 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना देहात थाना क्षेत्र के जमुना रोड की है। विनोद कुशवाहा पुत्र गया राम अपने घर पर जमीन पर सो रहा था, तभी रात तीन बजे उसे किसी सर्प ने गर्दन में डंस लिया। विनोद ने सर्प को हाथ में पकड़ लिया। सर्प को अस्पताल ले जाने की बजाय परिजन ने उसे घर का देवता समझकर बोरी में बंद कर दिया। उसके बाद निजी वाहन से सुबह चार बजे विनोद को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में भर्ती करने के बाद परिजन नहीं माने और 20 मिनट बाद खरिका में किसी व्यक्ति के यहां झाडफ़ूंक करवाने ले गए। जब विनोद की हालत बिगडऩे लगी तो परिजन उसे दो घंटे बाद जिला अस्पताल लेकर आए, यहां डॉक्टर ने नाजुक हालत में ग्वालियर रेफर कर दिया।
शरीर में जहर फैलने के कारण रास्ते में मालनपुर के पास विनोद ने दम तोड़ दिया। अंध विश्वास ले रहा लोगों की जान विनोद अहमदाबाद में काम करता था और कुछ समय पहले ही अपने परिवार से मिलने घर आया था। घर में वह जमीन पर लेटा था। इसी समय सर्प ने गर्दन में दायीं तरफ डस लिया। परिजन की नासमझी और अंधविश्वास के कारण विनोद को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। परिजन ने झाड़फूंक के चक्कर में काफी समय बर्बाद कर दिया जिससे विनोद को इलाज नहीं मिला और शरीर में जहर फैल गया।
भिण्ड में ही एक और सर्पदंश मामला सामने आया। यहां मूरतपुरा निवासी 38 वर्षीय युवक बंटू शाक्य को सर्प ने डंस लिया। गंभीर हालत में युवक को जिला चिकित्सालय से ग्वालियर रेफर किया गया है। घटना बुधवार रात 9 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मूरतपुरा निवासी रूप राम के पुत्र बंटू शाक्य (38) बुधवार रात करीब 9 बजे अपने घर में कपड़े उठा रहे थे। इसी दौरान पैर में सर्प ने डंस लिया। सर्पदंश के बाद बंटू शाक्य की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन तत्काल उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बंटू शाक्य का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और लगातार बिगड़ती चली गई। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने ग्वालियर रेफर कर दिया।
-सर्पदंश की स्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
-झाडफ़ूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार में समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है।
-सर्प को पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
-प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचना चाहिए, ताकि जहर तेजी से न फैले।
- एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) ही सर्पदंश का वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार है।
-ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सर्पदंश के बाद झाडफ़ूंक की परंपरा के कारण कई लोगों की जान चली जाती है।
-स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
-समय पर उपचार मिलने पर अधिकांश सर्पदंश पीडि़तों की जान बचाई जा सकती है।
-मरीज को शांत रखें।
-तुरंत 108 एंबुलेंस या अस्पताल की मदद लें।
-डंसे हुए स्थान को साफ रखें।
-मरीज को जल्द से जल्द एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध अस्पताल पहुंचाएं।
- डंसे स्थान को काटें नहीं।
-मरीज को दौड़ने या ज्यादा चलने न दें।
जिले के जयारोग्य अस्पताल में इन दिनों सांप काटने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते ग्वालियर के ग्रामीण इलाके भितरवार, तिघरा, घाटीगांव, भंवरपुरा, मोहना और कुलैथ जैसे प्रमुख क्षेत्र इस सीजन के सबसे बड़े सर्पदंश के हॉट स्पॉट बन गए हैं।
बारिश का मौसम शुरू होते ही इन इलाकों से मरीजों के आने का सिलसिला तेजी से शुरू हो गया है, क्योंकि बिलों में पानी भरने के कारण सांप बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों और घरों का रुख कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति की बात करें तो जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में अभी सांप काटने के 19 मरीज भर्ती हैं, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इस समय अस्पताल में हर दिन 5 से 6 मरीज सर्पदंश का शिकार होकर पहुंच रहे हैं, वहीं भारी बारिश होने पर यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन 10 से भी ज्यादा पहुंचने की आशंका है।
- कोबरा : इसका न्यूरोटॉक्सिक जहर सीधे शरीर के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) पर हमला करता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
- वाइपर : इसका हीमोटॉक्सिक जहर खून को जमाने या शरीर के अंदर-बाहर अत्यधिक ब्लीडिंग का कारण बनता है।
- करैत : यह बेहद साइलेंट किलर माना जाता है, जो अक्सर रात में सोते समय काटता है और इसके काटने पर शुरुआत में दर्द भी नहीं होता।
बारिश के दिनों में सांप काटने के मामले बढ़ने लगे हैं। इसमें ग्वालियर के आसपास के घाटीगांव, भितरवार, तिघरा और भंवरपुरा क्षेत्र के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सांप काटने के बाद पीड़ित जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचेगा, इलाज से उसकी जान उतनी ही आसानी से बचाई जा सकती है। हमारे पास इलाज के पूरे इंतजाम हैं।
-डॉ. अजय पाल सिंह, मेडिसिन विभाग जेएएच
Updated on:
10 Jul 2026 03:44 pm
Published on:
10 Jul 2026 10:57 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
