ग्वालियर

TRAI ने जारी किए आंकड़े, एमपी में 4 लाख नए मोबाइल यूजर, 7 हजार ने छोड़ा BSNL

Telecom Industry: मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 8.64 करोड़ के पार पहुंच गई है, जबकि बीएसएनएल एक महीने में 7,571 ग्राहक गंवा चुका है।
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Telecom Industry: 4 लाख नए मोबाइल यूजर (Photo Source - Patrika)
Telecom Industry: 4 लाख नए मोबाइल यूजर (Photo Source - Patrika)

Mobile consumers in gwalior: एमपी के ग्वालियर शहर में ट्राई के ताजा आंकड़ों ने टेलीकॉम इंडस्ट्री की एक बेहद चौंकाने वाली और कड़वी हकीकत बयां की है। जहां एक तरफ प्रदेश में मोबाइल उपभोक्ताओं की कुल संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विमान यानी बीएसएनएल के पंख लगातार सिकुड़ते जा रहे हैं। निजी कंपनियों के फास्ट 5 जी नेटवर्क और शानदार ऑफर्स के सामने बीएसएनएल घुटने टेकता नजर आ रहा है।

इसके पीछे जेन जी भी एक बड़ी वजह सामने आया है, उन्हें आज के समय में तेज रफ्तार इंटरनेट की जरूरत है, ऐसे में वे निजी कंपनियों को पसंद कर रहे हैं। अप्रेल 2026 में मध्य प्रदेश में बीएसएनएल के पास 51 लाख 40 हजार 116 ग्राहक थे, जो मई 2026 में घटकर 51 लाख 32 हजार 545 रह गए। यानी सिर्फ 30 दिनों के भीतर 7,571 ग्राहकों ने बीएसएनएल का साथ छोड़ दिया।

प्रदेश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.64 करोड़ पहुंची

अप्रेल 2026 में मध्य प्रदेश में कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8,60,02,327 (8.60 करोड़) थी, जो मई 2026 में बढ़कर 8,64,04,953 (8.64 करोड़) हो गई। यानी महज एक महीने के भीतर प्रदेश में 4,02,626 (4.02 लाख) नए मोबाइल कनेक्शन जुड़ गए। लगातार मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही तेज स्पीड नेट की डिमांड भी काफी बढ़ गई है।

चढ़ाई के बाद ढलान: मप्र में बीएसएनएल ग्राहकों की संख्या घटी

मध्यप्रदेश सर्किल में बीएसएनएल के मोबाइल ग्राहकों की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। दिसंबर 2025 में ग्राहकों की संख्या 51.18 लाख थी, जो लगातार बढ़ते हुए अप्रेल 2026 में अपने उच्चतम स्तर 51.40 लाख पर पहुंच गई थी। हालांकि, मार्च की मामूली गिरावट के बाद मई 2026 में कंपनी को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। मई महीने में ग्राहकों की संख्या घटकर 51.32 लाख रह गई, जिसका मतलब है कि अप्रैल के मुकाबले इस एक महीने में 7,571 मोबाइल ग्राहकों की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

इस वजह से रूठ रहे ग्राहक

टेलीकॉम के जानकार सुधीर भदौरिया बताते हैं, बीएसएनएल के इस पतन के पीछे मुख्य कारण तकनीकी अपग्रेडेशन में भारी देरी है। जब निजी कंपनियां देश में 5जी नेटवर्क का जाल बिछा चुकी हैं और सुपर फास्ट इंटरनेट का दावा कर रही हैं, तब बीएसएनएल अब भी कई इलाकों में 4जी को स्थापित करने में संघर्ष कर रहा है। खराब नेटवर्क कवरेज, कॉल ड्रॉप और डेटा की धीमी रफ्तार से तंग आकर उपभोक्ता एमएनपी का रास्ता चुन रहे हैं।

Updated on:
08 Jul 2026 05:56 pm
Published on:
08 Jul 2026 05:55 pm