
रील का जुनून
ग्वालियर. कुछ सेकंड की रील, हजारों लाइक्स और रातों-रात वायरल होने की चाह अब युवाओं को ऐसे खतरनाक मोड़ पर ले आई है, जहां न अपनी जान की चिंता बची है और न कानून का डर। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बनने की इस अंधी दौड़ में लोग चलती गाड़ियों पर स्टंट कर रहे हैं, रेलवे ट्रैक और ऊंची इमारतों पर वीडियो शूट कर रहे हैं, यहां तक कि हथियारों और फर्जी घटनाओं का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे। ग्वालियर में पिछले कुछ वर्षों में सामने आए कई मामले बताते हैं कि रील बनाने का यह ट्रेंड अब केवल शौक नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी चुनौती बन चुका है।
रील के लिए खतरे का खेल…
तेज रफ्तार सड़क पर बाइक से लटककर शूटिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करना और हथियारों का प्रदर्शन जैसे वीडियो आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं। कई लोग कानून तोड़ने वाले वीडियो खुद सोशल मीडिया पर अपलोड कर लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामले बताते हैं कि सख्ती का असर अभी पर्याप्त नहीं है।
एफओएमओ बना रहा खतरनाक
मनोचिकित्सकों के अनुसार युवाओं में फियर ऑफ मिसिंग आउट (एफओएमओ) तेजी से बढ़ रहा है। उन्हें लगता है कि यदि वे लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं रहे तो वे दूसरों से पीछे रह जाएंगे। यही मानसिकता उन्हें पहले से ज्यादा अलग और जोखिम भरा कंटेंट बनाने के लिए प्रेरित करती है। जब कोई खतरनाक वीडियो वायरल होता है तो दूसरे लोग भी उसकी नकल करने लगते हैं।
स्मोकी इफेक्ट की चाह में मौत…
रील का सबसे दर्दनाक उदाहरण शहर के लेगेसी प्लाजा अपार्टमेंट में सामने आया। दो वर्ष पहले रंजना और उसके देवर अनिल जाट ने कमरे में धुएं जैसा दृश्य तैयार करने के लिए एलपीजी गैस का रिसाव कर दिया। जैसे ही शूटिंग के लिए हैलोजन लाइट जलाई गई, चिंगारी से भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि सात मंजिला इमारत तक हिल गई। 100 से अधिक फ्लैटों और पार्किंग में खड़े वाहनों के कांच टूट गए। हादसे में अनिल जाट की मौत हो गई, जबकि रंजना गंभीर रूप से झुलस गई।
ग्वालियर के चर्चित रील कांड
-जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर फिल्मी गाने पर महिला की डांस रील वायरल होने के बाद प्रशासन को सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों में शूटिंग पर प्रतिबंध लगाना पड़ा।
-घोसीपुरा (जनकगंज) में दो युवकों ने रील के लिए अवैध पिस्टल से फायरिंग की। गोली पड़ोसी राजेंद्र शाक्य के हाथ में लगी।
-घास मंडी में पानी की टंकी से सांप निकलने का फर्जी वीडियो वायरल कर दिया गया। अफवाह के कारण प्रशासन को पेयजल आपूर्ति रोकनी पड़ी।
-ग्वालियर किले पर एक विदेशी (रूसी) युवती के साथ अभद्र टिप्पणी करते हुए बनाई गई रील के मामले में भी पुलिस कार्रवाई हुई।
एक्सपर्ट व्यू
रील बनाना अपराध नहीं है, लेकिन यदि उसके दौरान कानून का उल्लंघन होता है या किसी की सुरक्षा खतरे में पड़ती है तो पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सार्वजनिक सड़क पर स्टंट, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाते हुए वीडियो बनाना, वाहन से लटककर शूङ्क्षटग करना या खतरनाक ड्रायविंग करना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय है। रेलवे ट्रैक, सरकारी भवन और प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो शूट करने पर भी कार्रवाई हो सकती है।
राकेश सिन्हा, रिटायर्ड डीएसपी
Updated on:
07 Jul 2026 06:08 pm
Published on:
07 Jul 2026 06:06 pm
