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ग्वालियर… दावा: 10 जुलाई तक मल्टीलेवल पार्किंग शुरू करने का, चुनौती: बेसमेंट में अभी भी 8 फीट से ज्यादा पानी भरा

महाराज बाड़ा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। साढ़े चार साल बाद भी पार्किंग पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी, बेसमेंट के तीसरे तल में अब भी आठ फीट पानी भरा हुआ है। निर्माण कार्य में देरी, पानी निकासी की समस्या और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ...
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gwalior multilevel parking

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ग्वालियर. महाराज बाड़ा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। साढ़े चार साल बाद भी पार्किंग पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी, बेसमेंट के तीसरे तल में अब भी आठ फीट पानी भरा हुआ है। निर्माण कार्य में देरी, पानी निकासी की समस्या और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ने प्रोजेक्ट की फाइल तलब कर जांच के निर्देश दिए हैं। दिसंबर 2020 में शुरू हुई इस पार्किंग की समय-सीमा चार बार बढ़ाई जा चुकी है। अब प्रशासन ने 10 जुलाई तक पार्किंग के प्रथम और द्वितीय तल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती अब भी बेसमेंट में भरे पानी की निकासी बनी हुई है। यहां 300 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहन पार्क हो सकते हैं।

हाल में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में अफसरों ने कलेक्टर को बताया कि निर्माण में देरी पर एलएंडटी पर 80 लाख और पानी निकासी नहीं करने पर 1 से 2 लाख रुपए जुर्माना किया है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि 1 या 2 लाख जुर्माना लगाएं ऐसा कहां लिखा है। कलेक्टर ने जुर्माने के आधार और दस्तावेज मांगे। इसके बाद से इंजीनियरों, पीडीएससी व एलएंडटी कंपनी में हडक़ंप मचा हुआ है। अब ज्यादा जुर्माने की तैयारी है।

100 करोड़ पानी में, समस्या दूर होने की जगह बढ़ गई

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस पार्किंग के सबसे निचले तल में लगातार भूजल भरने से निर्माण कार्य प्रभावित है। बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर मौजूद पुरानी बोङ्क्षरग और गहरी खुदाई के कारण पानी की समस्या बनी हुई है। पानी निकालने के लिए कई महीनों से पंङ्क्षपग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जानकारी के मुताबिक दिन में पानी को गोरखी स्कूल स्थित कुएं तक पहुंचाया जाता है, जबकि रात में इसका कुछ हिस्सा आसपास की सडक़ों पर छोड़ा जाता है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अभी दो तल शुरू करने हैं…

  • इस बीच केंद्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों ने निरीक्षण के दौरान सुझाव दिया कि यहां निकल रहे स्वच्छ भूजल को व्यर्थ बहाने के बजाय संग्रहित कर पेयजल उपयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए जल भंडारण टैंक बनाकर पंङ्क्षपग व्यवस्था विकसित करने की सिफारिश की गई है। साथ ही जुलाई तक पार्किंग के दो तल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • दो हैवी पंप लगाकर बाहर निकालेंग पानी और आस-पास के क्षेत्र में करेंगे सप्लाई: इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम यहां पानी की दो हैवी पंप लगाकर पानी को बेसमेंट से बाहर निकलकर आस-पास के क्षेत्र में सप्लाई करेगा। इससे इस शुद्ध भूजल का उपयोग भी होगा।

एक्सपर्ट बोले…पहले से कंपनी पर नहीं रखी नजर, इसलिए ऐसे बन रहे हालात

स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों व एलएंडटी कंपनी पर शुरू से ही कसावट और सख्ती रखी जाती तो आज शायद मल्टी पार्किंग में पानी भरने की नौबत नहीं आती और न ही काम की रफ्तार सुस्त होती। अभी सबसे पहले स्मार्ट सिटी सीइओ को पानी निकासी के इंतजाम करने चाहिए और जब पानी निकास हो जाए तभी पूरी सुरक्षा के साथ पार्किंग को चालू करवाना चाहिए। साथ ही पूरे प्रोजेक्ट की अफसर कड़ाई से जांच करें और मामले में जो भी दोषी हो उस पर सख्त एक्शन लिया जाए। क्योंकि यह प्रोजेक्ट शहर के लिए काफी जरूरी है और पार्किंग बनने से वाहन सडक़ पर खड़े नजर नहीं आएंगे।
व्हीके शर्मा,सेवानिवृत संयुक्त संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग

फाइल मंगाई है

मल्टी पार्किंग में पानी निकासी सहित पूरे प्रोजेक्ट की जांच और अब तक कहां कैसे जुर्माना लगाया। इसकी जांच के लिए फाइल मंगाई गई है, जांच में लापरवाही पर इंजीनियरों व कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मल्टी पार्किंग के दो तल को जुलाई तक चालू करने के लिए कहा है।
रुचिका चौहान, कलेक्टर ग्वालियर