ग्वालियर

जीएसटी-इनकम टैक्स भरने वाले 8912 अमीर बने गरीबों की योजना के हितग्राही, हर महीने ले रहे 44560 किलो राशन

केंद्र सरकार ने राशन वितरण को डिजिटल कर दिया है और हितग्राही को आधार से लिंक हो गया है। इसकी वजह से ग्वालियर जिले में 8 हजार 912 हितग्राही ऐसे सामने आए हैं, जो जीएसटी, इनकम टैक्स भरते हैं और आय 25 लाख से अधिक है, लेकिन फ्री के राशन के लिए दुकानों पर कतार में है।

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Aug 21, 2025
Smart PDS System

केंद्र सरकार ने राशन वितरण को डिजिटल कर दिया है और हितग्राही को आधार से लिंक हो गया है। इसकी वजह से ग्वालियर जिले में 8 हजार 912 हितग्राही ऐसे सामने आए हैं, जो जीएसटी, इनकम टैक्स भरते हैं और आय 25 लाख से अधिक है, लेकिन फ्री के राशन के लिए दुकानों पर कतार में है। इन हितग्राहियों के पास हर महीने 44 हजार 560 किलो गेहूं व चावल जा रहा है। इन सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

दरअसल स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत राशन लेने वाले परिवार व सदस्य का आधार से सत्यापन किया गया है। यदि आधार से सत्यापन नहीं हुआ तो उसका राशन बंद हो गया है। 11 लाख 55 हजार को राशन मिल रहा है। सत्यापन का काम पूरा होने के बाद केंद्र शासन ने नई श्रेणी चिह्नित की है। जीएसटी, इनकम टैक्स व 25 लाख आय वाले हितग्राही चिह्नित किए हैं। इसकी सूची खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग को भेज दी है। ग्वालियर में 8 हजार 912, इंदौर में 25 हजार , भोपाल में 10 हजार, उज्जैन में 5600 हितग्राही अमीर निकले हैं।

वितरण व्यवस्था में यह हुए हैं बदलाव

- एक महीने का राशन हितग्राही को दिया जाता था, लेकिन अब तीन महीने का राशन दिया जाने लगा है। जून, जुलाई, अगस्त का राशन हितग्राही को मिल चुका है।

- सितंबर में जो वितरण आएगा, उसमें 75 फीसदी गेहूं व 25 फीसदी चावल दिया जाएगा। अभी तक 2 किलो गेहूं व 3 किलो चावल दिया जा रहा था। चावल को लोग खाते नहीं है। इसे बाजार में बेच देते थे। अब गेहूं की मात्रा बढ़ गई है। इससे काफी राहत रहेगी।

आयुष्मान कार्ड के लिए जुड़े हैं नाम

- जिन लोगों को फ्री का राशन मिलता है, वह आयुष्मान कार्ड के पात्र हो जाते हैं। इसके चलते लोग फ्री के राशन के लिए पात्र बन गए। आयुष्मान कार्ड भी मिल गया।

- यदि 2011 की जनसंख्या के हिसाब से देखा जाए तो 55 फीसदी आबादी फ्री का राशन ले रही है।

8 हजार 912 हितग्राहियों की सूची आई है, जिनका सत्यापन कर रिपोर्ट देनी है। ये जीएसटी व इनकम टैक्स भरते हैं। सालाना आय 25 लाख रुपए है।

रुचिका चौहान, कलेक्टर

Updated on:
21 Aug 2025 11:24 am
Published on:
21 Aug 2025 11:23 am
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