दो आरोपी महिला वकील के घर अलमारी के लॉकर की चाबी बनाने के लिए आए थे। इसके लिए उन्होंने महिला से 80 रुपए भी लिए, लेकिन चाबी बनाने के दौरान आंखों के सामने 8 लाख रुपए के गहने चुरा ले गए।
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चाबी बनाने वालों के भेष में आए बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। दो आरोपी महिला वकील के घर अलमारी के लॉकर की चाबी बनाने के लिए आए थे। इसके लिए उन्होंने महिला से 80 रुपए भी लिए, लेकिन चाबी बनाने के दौरान आंखों के सामने 8 लाख रुपए के गहने चुरा ले गए। बताया जा रहा है कि, घटना शहर के गोलाका मंदिर क्षेक्ष की गोवर्धन कॉलोनी में 28 अक्टूबर को घटी है।
लेकिन, इस मामले का खुलासा बुधवार की सुबह हुआ, जब दीपावली के अवसर पर ननद के गहने निकालने के लिए वकील ने अलमारी खोली, तो लॉकर से गहने गायब थे। महिला वकील का कहना है कि, लॉकर में रखे एक पर्स में करीब 16 तौला सोना रखा था। पीड़िता ने गोला का मंदिर थाने में मामले की शिकायत की है। महिला की शिकायत पर गोलाका मंदिर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। महिला ने बताया कि, वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी सरदारों का हुलिया बनाए हुए थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि, इस तरह का हुलिया धारण किये हुए बदमाश पहले भी ऐसी ही एक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। बता दें कि, शहर में 7 दिनों के भीतर ये दूसरी वारदात है।
150 रुपए मांगे थे लेकिन 80 रुपए में हो गया राजी
शहर की गोवर्धन कॉलोनी में रहने वाली पूनम पेशे से वकील हैं। गहने ठगने की घटना उनके परिवार के साथ हुई है। 28 अक्टूबर की शाम 4 बजे इलाके में दो युवक गुजर रहे थे। वो ताले की चाबी बनाने की आवाज लगा रहे थे। महिला का कहना है कि, उनकी अलमारी का लॉक खराब था। इसपर पूनम ने जब उनसे चाबी बनाने को कहा तो, तालों को चेक करने के बाद उन्होंने चाबी बनाने के लिए 150 रुपए की मांग की। इसपर महिला ने सिर्फ 80 रुपए देने को कहा, जिसपर आरोपी तुरंत ही राजी हो गए। सौदा फायदे का लगा तो परिवार के अन्य लोगों ने भी चाबी बनवाने की सेहमति दे दी। एक युवक नीचे खड़ा रहा और एक युवक चाबी बनाने के लिए घर में आया। काफी देर तक वह चाबी बनाने का प्रयास करता रहा। वह अलमारी के एक तरफ आधा अलमारी में घुसकर काम करने लगा। कुछ देर के प्रयास के बाद उन्होंने अलमारी का लॉक ठीक किया और 80 रुपए लेकर घर से चला गया।
6 दिन बाद लॉकर खोला तो गायब थे गहने
युवकों के वहां से जाने के बाद पूनम के परिवार को लगा कि, 80 रुपए में तो काफी सस्ते में चाबी बन गई। पर बुधवार को पूनम की ननद ने दीपावली पर पहनने के लिए अपना मंगलसूत्र मांगा, जिसके लिए जब पूनम ने अलमारी खोली तो उसके लॉकर में गहनों वाला पर्स न मिलने पर वो हैरान रह गई। परिवार वालों ने गौर किया कि, अलमारी की चाबी गुमने से पहले तो जेवर लॉकर में ही रखा था, लेकिन चाबी बनने के बाद जेवर की जांच नहीं की गई। इससे घर के लगों को ये स्पष्ट हो गया कि, चाबी बनाने वाले युवक ने ही उनके जेवर चुराए हैं। तुरंत ही पूनम परिवार के साथ मामले की शिकायत करने थाने पहुंचे।
पुलिस ने शुरु की छानबीन
पुलिस ने उनकी शिकायत के बाद चोरी का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी है। पुलिस इलाक में लगे CCTV कैमरों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि, पुलिस के हाथ कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की फुटेज भी मिली है। पुलिस अन्य जगह भी छानबीन कर रही है।
इसलिए पड़े नहीं जा रहे आरोपी
पुलिस का कहना है कि, सरदार के भेष में आकर गलियों, मोहल्लों में चाबी बनाने के नाम पर चोरी करने वाले हर साल 15 से 20 वारदातों को अंजाम देकर शांत बैठ जाते हैं। यही वजह है कि, कई वारदातों को अंजाम देने के बाद भी ये अबतक पकड़े नहीं जा सके हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिखों की पगड़ी लगाकर घूमते हैं। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर नकलीपगड़ी खोलकर बैग में रख लेते हैं। इसके अलावा, ये अपना शर्ट भी बदल लेते हैं। ताकि, इनकी शिनाख्त न की जा सके।ऐसे में इनकी तलाश में निकले लोग मौके पर सरदार के हुलिये में आरोपियों को तलाशते रहते हैं। यही नहीं, सभी पीड़ित पुलिस को भी उनका वही हुलिया बताते हैं और पुलिस भी उन्हें पगड़ी वाले हुलिये में ही तलाशती रहती है, जबकि आरोपी असल में कोई और भेस बदलकर इलाके से फरार हो जाते हैं।
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