ग्वालियर

समग्र आइडी का फर्जीवाड़ा: आबादी 17 लाख और आइडी 29 लाख, 17.63 लाख अब तक डिलीट

सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए तैयार की गई समग्र आइडी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। शहर की कुल 17.50 लाख की आबादी के मुकाबले सिस्टम में 29.58 लाख आइडी दर्ज थीं। यानी शहर की जनसंख्या से करीब 12 लाख ज्यादा आईडी ! ई-केवाईसी के अभियान ने इस फर्जीवाड़े की परतों को उधेड़ना शुरू किया, तो नगर निगम के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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Oct 06, 2026
Samagra ID Fraud
Samagra ID Fraud

ग्वालियर. सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए तैयार की गई समग्र आइडी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। शहर की कुल 17.50 लाख की आबादी के मुकाबले सिस्टम में 29.58 लाख आइडी दर्ज थीं। यानी शहर की जनसंख्या से करीब 12 लाख ज्यादा आईडी ! ई-केवाईसी के अभियान ने इस फर्जीवाड़े की परतों को उधेड़ना शुरू किया, तो नगर निगम के पैरों तले जमीन खिसक गई। अब तक की जांच के बाद प्रशासन 17,63,124 फर्जी और डुप्लीकेट आइडी डिलीट कर चुका है, जबकि 1.47 लाख से ज्यादा संदिग्ध आइडी अब भी जांच के दायरे में हैं। जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि हजारों ऐसी आइडी मिली हैं, जिनमें न तो हितग्राही का पता दर्ज है और न ही मोबाइल नंबर। कई आइडी तो ऐसी हैं जिनमें केवल नाम लिखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फर्जी और डुप्लीकेट आइडी के जरिए पिछले कई वर्षों से राशन, पेंशन और लाड़ली बहना जैसी करीब 20 सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठाया जा रहा था। अब सवाल यह है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के यह आइडी सिस्टम में स्वीकार कैसे होती रहीं?

2013 से पहले का ऑफलाइन मर्ज बना मुसीबत
अधिकारियों के मुताबिक, दिसंबर 2013 से पहले समग्र आइडी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन थी। इसी दौर में बड़ी संख्या में मनमाने तरीके से आइडी जनरेट की गईं। डुप्लीकेट और संदिग्ध डेटा को साफ करने के लिए नगर निगम ने पहले 611 कर्मचारियों को उतारा था, जो अब सिमटकर 50 रह गई है। ये कर्मचारी रोजाना संदिग्ध आइडी का मिलान आधार और मतदाता सूची से कर रहे हैं।

विधानसभा वार रिकॉर्ड की स्थिति
ग्वालियर, दक्षिण, पूर्व और ग्रामीण विधानसभा के शहरी हिस्से के 66 वार्डों में पहले 29,58,110 आइडी दर्ज थीं। शुद्धिकरण के बाद अब केवल 11,94,986 वैध आइडी का रिकॉर्ड शेष बचा है। वर्तमान रिकॉर्ड में से 10,46,222 (87.55त्न) आइडी की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
लंबित जांच: 1,47,070 आइडी ऐसी हैं जिनका रिकॉर्ड अधूरा होने के कारण सत्यापन अटका हुआ है और इनके डिलीट होने की संभावना अधिक है।

इन योजनाओं में होता है समग्र आइडी का प्रयोग
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, शिक्षा और छात्रवृत्ति, निशुल्क शिक्षा, राशन पर्ची और खाद्य सुरक्षा, विवाह सहायता योजना,स्वास्थ्य सेवाएं एवं आयुष्मान कार्ड,प्रसूति एवं मातृत्व सहायता योजना, जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, बैंक वित्त पोषित व रोजगार योजनाएं, सरकारी योजनाओं का लाभ, राशन कार्ड, सरकारी नौकरी और फॉर्म, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना,मध्याह्न भोजन, पीएम पोषण,खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं सहित शासन की सभी 20 से ज्यादा योजनाओं में समग्र आइडी का उपयोग होता है।

लगातार अभियान चल रहा
डुप्लीकेट समग्र आइडी को हटाने के लिए हम लगातार अभियान चला रहे हैं। मेरे आने से अब तक 1.5 लाख आइडी हटाई जा चुकी है। हम ऐसी आइडी हटा रहे हैं जो कि दूसरी जगह है अथवा उनका कोई रिकॉर्ड नहीं है या गलत बनी हुई है।
अभिषेक चौधरी, आयुक्त नगर निगम

Updated on:
06 Oct 2026 06:51 pm
Published on:
06 Oct 2026 06:50 pm