ग्वालियर

भिंड-मुरैना के बाद ग्वालियर में भी जहरीली शराब पीने से 2 की मौत

- होली का जश्न मनाने खरीदी जहरीली शराब- दो की मौत, चार लोगों का इलाज जारी- चार की आखों की रोशन कमजोर- ढाबे से लाए थे शराब
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ग्वालियर. अंचल में जहरीली शराब का कारोबार नहीं थम रहा है, होली के त्योहार का जश्न मनाने के लिए खरीदी देसी शराब ने दो लोगों की जान ले ली। उनके चार हम प्याले साथी अस्पताल में भर्ती हैं। यह सभी भाईदूज पर पार्टी मनाने के लिए देसी शराब खरीद कर लाए थे और पी। सुबह शराब के जहर ने असर दिखाया। मौत का सिलसिला शुरू हुआ तो गांव में खलबली मची। शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि उनके चार साथियों की आखों की रोशन कमजोर हो गई है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।

गिरगांव निवासी जबरसिंह चौधरी ने बताया, होली की दौज पर चंदूपुरा गांव के प्रदीप परिहार 28, बेटी रजक 36 तेजसिंह 55, राकेश माहौर 35, चंद्रपाल 38 सहित खुरेरी गांव में रहने वाले विजय सिंह परिहार 60 मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं। होली के त्योहार पर काम की छुट्टी थी। भाईदूज वाले दिन इन लोगों ने पीने का प्लान बनाया, इसलिए शाम को देसी शराब खरीद लाए। कोल्डड्रिंक में उसे मिलाकर सभी दोस्तों ने जाम छलकाए। देर रात तक इनकी पार्टी चली। सुरूर चढऩे पर सभी हमप्याले घर से चले गए। सुबह विजय परिहार सोकर उठा तो उनकी हालत खराब थी, पेट फूल रहा था। विजय ने शराब का असर उतारने के लिए देसी इलाज किया लेकिन सुधार नहीं हुआ, उनकी मौत हो गई। विजय शराब पीने के आदी थे, इसलिए आशंका रही ज्यादा शराब पीने से उनकी हालत खराब हुई है, यह नहीं समझा कि शराब जहरीली हो सकती है। विजय की मौत को स्वाभाविक मानकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

खबर मिलने पर खलबली
जबर सिंह ने बताया, विजय की मौत का पता प्रदीप को चला तो वह घबरा गया। पिता और भाई से बोला कि उसकी भी तबियत खराब हो रही है। विजय के साथ शराब पी थी, उसे तुरंत अस्पताल ले चलो। नहीं तो उसका भी अंजाम विजय परिहार की तरह होगा। प्रदीप को परिजन मुरार अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने चेकअप कर उसे जेएएच भेज दिया। आइसीयू में शाम तक उसकी हालत सामान्य रही। रात को तबियत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।

10 साल पहले लगी थी गोली
राजकुमार परिहार ने बताया, भाई प्रदीप को 10 साल पहले गांव के झगड़े में गोली लगी थी। उसका लगातार इलाज चल रहा था। वह तो शराब पीने का आदी भी नहीं था। पता नहीं क्यों होली के जश्न में दोस्तों के साथ पार्टी मनाने चला गया।

चार की नजरें कमजोर
विजय और प्रदीप के साथ हादसे के साथ पार्टी में शामिल बंटी रजक, चंद्रपाल, तेजसिंह और राकेश माहौर ने बताया कि रात को पार्टी मनाने के बाद सुबह उठे तो उन्हें दिखाई देना कम हो गया। पहले इसे नींद का असर समझा लेकिन तमाम कोशिश के बाद आंखों की रोशनी साफ नहीं हुई तो घबरा गए। परिजन को स्थिति बताई तो उन्हें भी इलाज के लिए जेएएच लाया गया।

ढाबे से लाए थे शराब
मृतक और घायलों के परिजन का कहना है कि शराब जहरीली थी। उसकी वजह से हादसा हुआ है। यह लोग शराब कहां से लाए थे। इसकी सही जानकारी नहीं मिली है। लेकिन गांववालों का कहना है कि लक्ष्मणगढ़ के कुछ लोग देसी शराब बनाकर महाराजपुरा, मालनपुर के बॉर्डर पर ढाबों में शराब बेचते हैं। दोस्तों की टोली वहीं से शराब लेकर आई थी।

जेएएच के पीआरओ डॉ. देवेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि शराब मामले में जेएएच में चार मरीज भर्ती है। एक दो लोगों को आंखों में ज्यादा परेशानी थी। इसको देखते हुए इलाज किया जा रहा है। आबकारी उपायुक्त शैलेष सिंह ने कहा कि कच्ची शराब पीने से दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। शराब जहरीली थी या नहीं इसका खुलासा तो जांच के बाद होगा। यह पता लाया जा रहा है कि ये लोग आखिर शराब लेकर कहां से आए हैं।

Published on:
02 Apr 2021 08:40 am