भीषण गर्मी में टंकी के गर्म पानी का अनूठा मामला सामने आया है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति बंगले की टंकी का पानी गर्म हो जा रहा है। इससे कुलपति इतने परेशान हो ...
Agricultural University. भीषण गर्मी में टंकी के गर्म पानी का अनूठा मामला सामने आया है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति बंगले की टंकी का पानी गर्म हो जा रहा है। इससे कुलपति इतने परेशान हो गए कि अब राहत के उपाय खोजे जा रहे हैं। इसके लिए बकायदा एक जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें कृषि वैज्ञानिकों को रखा गया है, जो बाजार में टंकी का पानी गर्म होने से बचाने या नलों से ठंडा पानी आने का उपाय तलाश रहे हैं।
ग्वालियर में पिछले कुछ दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। ऐसे में छत या दफ्तर की टंकियों का पानी गर्म हो जा रहा है। यही हाल कुलगुरु के बंगले का भी है। भोपाल से आए मौजूदा कुलपति को ग्वायिलर की गर्मी और पानी की टंकी का पानी ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है। टंकी से गर्म पानी आने को लेकर कुलगुरु ने इंजीनियरों से राहत का उपाय पूछा, लेकिन वे कुछ नहीं बता पाए। तब चार वैज्ञानिकों की टीम बनाई गई। इसमें निर्देशक विस्तार सेवाएं डॉ वायपी ङ्क्षसह, डीके पालीवाल, अखिलेश ङ्क्षसह और अवधेश गुर्जर उपयंत्री को रखा है।
वैज्ञानिकों की टीम शहर के मुख्य बाजारों जैसे दौलतगंज आदि जगह जाकर इस बात का पता लगा रही है कि टंकी कौन सी ज्यादा अच्छी होती है। जिसमें पानी गर्म नहीं आए। इस संबंध में कुलपति से बात करना चाही तो उनका मोबाइल नहीं उठा। जबकि इन दिनों इस बात की विश्वविद्यालय में खूब चर्चा है कि साहब को गर्मी ज्यादा लग रही है।
राजमाता विजयाराजे ङ्क्षसधिया कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2007 में हुई थी। इस दौरान कुलपति बंगला भी परिसर में बनाया गया था। यहां अभी तक कुलपति डॉ विजय ङ्क्षसह तोमर, डॉ अनिल कुमार ङ्क्षसह, डॉ एसके राव के बाद अब डॉ अरङ्क्षवद कुमार शुक्ला रह रहे है। लेकिन तीनों ही कुलपति कई वर्षों तक यहां इसी कैंपस में रहे। कुलपति बंगले के पास में ही कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और कर्मचारी भी रहते हैं।
कुलपति बंगले सहित अन्य टंकियां पुरानी हो गई हैं। कुछ टंकियों में लीकेज भी हो गए हैं। इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी इसलिए बनाई गई है कि हर चीज की पारदर्शिता रहे।
डॉ वायपी ङ्क्षसह, निदेशक विस्तार सेवाएं