atm loot gang caught by gwalior police: इनमें लुटेरों की बाइक और हुलिया मिल गया था तो पुलिस गिरोह तक पहुंच गई। झपटमारों को लिफ्ट कर इंट्रोगेट किया तो चेन लूट की चार वारदातों का खुलासा हुआ। गैंग लीडर बर्खास्त सिपाही अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
ग्वालियर. चेन झपटमारी की वारदातों में एसएएफ के बर्खास्त सिपाही का गैंग सामने आया है, इस गिरोह ने ही 9 सितंबर को एसएएफ की द्वितीय वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट अश्विनी पाठक की पत्नी राजरानी पाठक के गले से चेन लूटी थी। इस वारदात के बाद पुलिस झपटमारों का पता लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही थी। उस रूट के सारे सीसीटीवी खंगाले थे जिस रास्ते से बदमाश भागे थे। इनमें लुटेरों की बाइक और हुलिया मिल गया था तो पुलिस गिरोह तक पहुंच गई। झपटमारों को लिफ्ट कर इंट्रोगेट किया तो चेन लूट की चार वारदातों का खुलासा हुआ। गैंग लीडर बर्खास्त सिपाही अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
पुलिस ने बताया चेन लूट में पकड़े गए सभी झपटमार सबलगढ़ मुरेना के हैं। वहां से पढऩे के लिए शहर में आए थे। गिरोह का सबसे एक्टिव मेंबर आकाश (20) पुत्र अरविंद जादौन है। आइटीआइ करने के लिए थाटीपुर में किराए का कमरा लेकर रहता है। उसके ठिकाने पर ही गिरोह इक_ा होता था। राजरानी पाठक की चेन लूटने में आकाश के साथ कृष्णकांत त्यागी (21) पुत्र सुरेश शामिल था। दोनों एसएएफ के बर्खास्त सिपाही सूरज खरे की बाइक एमपी 06 एम एल 8344 से राजरानी पाठक का पीछा करते हुए किरार कॉलोनी में उनके घर तक आए थे।
बाइक का नंबर ट्रेस होने पर लुटेरों का क्लू मिल गया। आकाश को पकड़ा तो गिरोह की कडिय़ां जुड़ती चली गईं। उसने कृष्णकांत के अलावा गैंग मेंबर सौरभ शर्मा उर्फ छोटू पंडित पुत्र योगेश शर्मा और सूरज खरे निवासी सबलगढ़ के गिरोह में शामिल होने का खुलासा किया। तीन लुटेरे तो पकड़े गए, लेकिन सूरज खरे अंडरग्राउंड हो गया। झपटमारों ने पूछताछ में खुलासा किया परिवार ने उन्हें पढऩे के लिए भेजा था।
यहां महंगे शौक पूरा करने के लिए वारदातें शुरू कीं, लूटी गई चेन को बेचने का काम भी सूरज खरे करता था। झपटमारों ने खुलासा किया पिछले कुछ समय में गिरोह ने कंपू, माधौगंज और पड़ाव इलाके में चेन लूट की वारदातें की थीं। उनसे लूटी गई चार चेन और दो बाइक भी मिली हैं।
एटीएम लूट में शामिल रहा सिपाही
बर्खास्त सिपाही सूरज खरे एसएएफ में नौकरी लगने के बाद भोपाल में एटीएम लूट में पकड़ा गया था। इस मामले में उसे बर्खास्त किया गया। उसके बाद सूरज ने कस्बे में ऐसे युवकों को अपनी गैंग शामिल किया जो महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध करने से नहीं चूकते हैं। गिरोह के तीन मेंबर पकड़े जाने के बाद अब सूरज की तलाश है। उसके गिरफ्त में आने पर चेन लूट की कई और वारदातें खुल सकती हैं।