Bageshwar Dham: बागेश्वरधाम प्रमुख पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री फिर से विवादित बोल से सुर्खियों में हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में भागवत कथा में महिलाओं के लिए अशोभनीय टिप्पणी की थी। पहले भी वे विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। अंतिम बार 27 अप्रेल को भगवान सहस्त्रबाहु को अत्याचारी बताया था।
बाद में सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा-वे सिर्फ शास्त्रों में दर्ज मामला बता रहे थे, किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं था। भावना आहत हुई तो खेद है। मामले में मंगलवार को ओबीसी महासभा ने विरोध प्रदर्शन किया था। ये हैं बागेश्वरधाम प्रमुख पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के 5 सबसे ज्यादा विवादित बयान....
इस साल की विवादित टिप्पणियां
● 01 मार्च 2023 को धीरेंद्र शास्त्री ने कहा-साईं बाबा संत-फकीर हो सकते हैं। भगवान नहीं। गीदड़ की खाल पहनकर कोई शेर नहीं बन सकता। इसके बाद शिर्डी में लोगों ने प्रदर्शन किया। युवा सेना ने मुंबई में केस दर्ज कराने की मांग की। एक हफ्ते बाद शास्त्री ने कहा-हमारे किसी भी शब्द से किसी को ठेस पहुंची तो दिल की गहराइयों से दु:ख है, खेद है।
● 02 मार्च 2023 को बागेश्वरधाम के प्रमुख ने राजस्थान के कुंभलगढ़ किले पर लगे हरे झंडों के स्थान पर भगवा झंडा फहराने की अपील की थी। उदयपुर पुलिस ने इसे हिंसा के लिए उकसाने की श्रेणी में मानते हुए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।
● 03 जनवरी 2023 को नागपुर में शास्त्री की कथा थी। इसी दौरान महाराष्ट्र की अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने धीरेंद्र पर अंधविश्वास व जादू-टोना को बढ़ावा देने के आरोप लगा पुलिस से शिकायत की। इसे प्रमाणित करने की चुनौती भी दी। इसके बाद लंबे समय तक दोनों ओर से बयानबाजी चलती रही थी।
● 04 अप्रेल 2022 को पं. धीरेंद्र ने कहा, जो तुम्हारे घर पत्थर फेंके, उसके घर जेसीबी ले चलो। भारत सनातनियों का है। राम की यात्रा पर कोई पत्थर मारे। बुजदिलों, कायरों जागो। सब हिन्दू हथियार उठा लो, कह दो हिन्दू एक है। जब लोगों को भडक़ाने के आरोप लगे तो कहा-आत्मरक्षा के लिए कहा था।
● 15 जुलाई 2023 को बागेश्वर धाम सरकार की ओर से ग्रेटर नोएडा में हुई भागवत कथा के समापन पर शास्त्री ने कहा, जिन महिलाओं की मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र नहीं है, उनके बारे में हम समझते हैं कि यह प्लॉट अभी खाली है। शास्त्री के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत की गई है, इसके साथ ही देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।