ग्वालियर

विवादित वेब सीरीज तांडव के मेकर्स को लेकर कोर्ट का बड़ा फैसला

Tandav web series controversy : विवादों से घिरे तांडव वेब सीरीज के मेकर्स के लिए राहत भरी खबर आई है। ग्वालियर अपर सत्र न्यायालय ने विवादों से घिरे तांडव वेब सीरीज के मेकर्स को लेकर सुनाया बड़ा फैसला। पढ़े पूरी खबर...

2 min read

Tandav web series controversy: साल 2021 में स्ट्रीम होते ही विवादों में घिरने वाली तांडव वेब सीरीज की चर्चा तीन साल बाद भी कम नहीं हुई है। आज भी मेकर्स के सिर पर ये वेब सीरीज तांडव मचा रही है। धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के मामले में तांडव के मेकर्स पर कई राज्यों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। ऐसा ही एक केस ग्वालियर में भी दर्ज किया गया था। अपर सत्र न्यायलय में चल रहे इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पहले आदेश को निरस्त करते हुए केस को क्लोज कर दिया गया है। ऐसे में तांडव वेबसीरीज के मेकर्स ने राहत की सांस ली है।

बता दें कि अपर सत्र न्यायालय से तांडव वेब सीरीज के निर्माता और निर्देशक अली अब्बास जफर, रायटर गौरव सोलंकी और हिमांशु अरोरा को बड़ी राहत मिल गई है। दरअसल कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें तीनों के खिलाफ जज ने चालान पेश करने की अनुमति दी थी। पुलिस द्वारा चालान पेश करने में हुई देरी को आधार बताते हुए कोर्ट ने केस को क्लोज करने का आदेश सुनाया।

यहां पढ़ें पूरा मामला

तांडव वेब सीरीज को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी कि उसमें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है। 20 जनवरी 2021 में क्राइम ब्रांच ने इस शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की थी। इसका अभियोग पत्र 29 अप्रैल 2024 को पेश किया गया। न्यायालय में तीन साल बाद चालान पेश किया गया। चालान पेश करने में हुई देरी के चलते कोर्ट ने इस केस को ही खत्म कर दिया।

तांडव वेब सीरीज जनवरी 2021 में अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुई थी। विवादित इस वेबसीरीज में बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, सुनील ग्रोवर ने अभिनय किया है। वहीं 'एक था टाइगर', 'सुल्तान', 'भारत' जैसी फिल्मों के निर्माता अली अब्बास जफर ने इस वेब सीरीज का निर्माण किया है। दर्शकों का आरोप है कि इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं को आपत्तिजनक रूप में दिखाया गया है। इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी को लेकर कई राज्यों में मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसका केस आज भी कई न्यायालयों में चल रहा है।

Updated on:
12 Oct 2024 03:33 pm
Published on:
12 Oct 2024 01:44 pm
Also Read
View All

अगली खबर