ग्वालियर

गांव हो रहे खाली, शहर बेकाबू: 62% सर्वे में ही निगम क्षेत्र की आबादी 13.79 लाख पार, 15 साल में बदली आबादी की तस्वीर

जिले में चल रही जनगणना के शुरुआती आंकड़ों ने ग्वालियर की बदलती सामाजिक और भौगोलिक तस्वीर सामने ला दी है। बीते डेढ़ दशक में जिले में शहरीकरण की रफ्तार इतनी तेज

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May 21, 2026
janganana gwalior

ग्वालियर. जिले में चल रही जनगणना के शुरुआती आंकड़ों ने ग्वालियर की बदलती सामाजिक और भौगोलिक तस्वीर सामने ला दी है। बीते डेढ़ दशक में जिले में शहरीकरण की रफ्तार इतनी तेज हुई है कि गांवों से लोगों का मोहभंग साफ नजर आने लगा है। शहरों में जहां आबादी और मकानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की वृद्धि लगभग थमती दिखाई दे रही है।

नगर निगम क्षेत्र में अब तक हुए केवल 62 फीसदी सर्वे ने ही प्रशासन को चौंका दिया है। विभाग ने ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित आबादी 22.18 लाख मानी थी, लेकिन अभी तक हुए सर्वे में ही 13.79 लाख से अधिक लोग दर्ज किए जा चुके हैं। जबकि 38 फीसदी सर्वे अभी बाकी है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अंतिम आंकड़े सरकारी अनुमान से कहीं ज्यादा हो सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक मई के अंत तक हाउस लिङ्क्षस्टग और मकान गणना का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जनगणना के अगले चरण शुरू होंगे। इस महाजनगणना की अंतिम तस्वीर मार्च 2027 में सामने आएगी, जिसके आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाओं और संसाधनों का खाका तय किया जाएगा।

10 साल में मकानों की संख्या में बड़ा उछाल

शहरीकरण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2011 की जनगणना में शहर में करीब 2 लाख 2 हजार मकान दर्ज थे। मौजूदा सर्वे के शुरुआती चरण में ही 2 लाख 84 हजार 412 मकानों की गिनती हो चुकी है। अधिकारियों का अनुमान है कि अंतिम आंकड़ों में मकानों की संख्या में करीब दो लाख तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियां और शहर की ओर बढ़ता पलायन इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।

गांवों में आबादी की रफ्तार धीमी

दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों के आंकड़े बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में 11 लाख 9 हजार 523 आबादी का अनुमान लगाया था, लेकिन सर्वे में 1.82 लाख घरों में केवल 9 लाख 79 हजार 414 लोग ही निवास करते मिले। इससे संकेत मिल रहे हैं कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं की तलाश में बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी शहरों की ओर शिफ्ट हुई है। जिला जनगणना अधिकारी अनिल बनवारिया के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गणना लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में सर्वे का काम तेजी से जारी है।

मई अंत तक पूरा होगा पहला चरण

जिले में 4 मई से मकानों की गणना और सूचीकरण का काम शुरू किया गया था। पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिले को 3275 सेक्टरों में बांटा गया है। इस महासर्वे में परिवार के मुखिया सहित सभी सदस्यों की 34 ङ्क्षबदुओं पर विस्तृत जानकारी दर्ज की जा रही है।

Published on:
21 May 2026 05:28 pm
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