
ग्वालियर। यदि आप भी वाहन खरीदने जा रहे हो तो यह खबर जरूर पढ़ लें हो सकता है यह आपको होने वाले नुकसान से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकती है। क्योकि पुराने तो पुराने नए वाहन में भी यह लोग बड़ी ही आसानी से हेरफेर कर देते है जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हो। जी हां हम बात कर रहे हैं भीड़ भरे इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें 5-7हजार रुपए में बेचने वाला चोर गिरोह की। जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है और इन चोरों से पुलिस को २१ बाइक मिली हैं।
इंट्रोगेशन में चोरों ने खुलासा किया है कि चोरी की बाइक लेकर शहर के बाहर निकलने में पकड़े जाने का खतरा रहता है। इसलिए गिरोह उसे उन पार्किंग में खड़ा करता है जहां लंबे समय तक वाहन को रखा जा सकता है। इस दौरान गैंग के एजेंट उसका ग्राहक तलाश का सौदा करते थे। डील होने पर खरीदार को पार्किंग से वाहन की डिलेवरी होती थी। एएसपी क्राइम पंकज पांडेय ने बताया कि शहर से वाहन चोरी की सिलसिलेवार वारदातें तेजपाल सिंह चंदेल निवासी बिरला नगर और प्रमोद गौड निवासी बल्ला का डेरा डबरा की गैंग कर रही थी।
दोनों को पुलिस ने मानसिंह चौराहे पर से पकड़ा था। दोनों चोरी की बाइक से घूमते मिले थे। पूछताछ में चोरों ने बताया कि बाइक लक्ष्मीगंज से चुराई है। इस धंधे में उनके साथ विष्णु बाथम निवासी बामौर और भोलू खान निवासी बामौर शामिल हैं।
चोरों के खुलासे पर गैंग के इन मेंबर्स को भी पकड़ा गया तो चोरों ने तमाम वारदातों का खुलासा किया। गिरोह ने बताया कि शहर से करीब २१ बाइक चोरी की हैं। उनमें से कई का सौदा कर चुके हैं और कुछ पार्किंग में खड़ी हैं। इन वाहनों को चोरों की निशानदेही पर जप्त किया। पकड़े गए वाहनों की कीमत करीब ६ लाख रुपया है।
स्टेशन, बस स्टैंड की पार्किंग में रख देते थे
वाहन चोरों ने पुलिस को बताया कि उनका टारगेट नए मॉडल की बाइक रहती है। वाहन मालिक की नजर बचाकर बाइक चुराते थे। वारदात के बाद वाहन मालिक और पुलिस उनकी तलाश में रहेगी इसलिए चोरी की बाइक को जल्दी से जल्दी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अस्पताल की पार्किंग में ले जाकर खड़ा करते थे।
फिर तब तक बाइक को वहां से नहीं उठाते जब तक उसका सौदा नहीं हो जाता। चोरी का नया वाहन आ गया है गैग के सभी मेंबर्स को इसकी जानकारी रहती थी। ग्राहकों से 5 से 7 हजार में बाइक का सौदा किया जाता था। डील होने पर पार्किंग से ग्राहक को बाइक की डिलेवरी दी जाती थी।