ग्वालियर

सीईओ बोले, क्या मजाक कर रहे हो, क्यों नहीं करते काम

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ नीरज सिंह ने लापरवाह कर्मियों को लगाई फटकार।
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Updated: 3 Dec 2017, 5:24 PM IST
CEO says what are you kidding why not work

ग्वालियर. जिला पंचायत सीईओ नीरज सिंह शनिवार को समीक्षा बैठक में पीएम आवास निर्माण में हो रही देरी पर बेहद नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि क्या मजाक चल रहा है। काम क्यों नहीं करते। इस दौरान उन्होंने एक-एक पंचायत के कर्मियों की क्लास ली। इस दौरान उन्होंने दो पंचायत सचिव को नोटिस भी थमाए।


मिलघन पंचायत द्वारा पीएम आवास में लापरवाही बरतने पर पंचायत सचिव को फटकार लगाते हुए जिला पंचायत सीईओ नीरज सिंह ने जनपद सीईओ का मिलघन सचिव द्वारा १५ दिसंबर तक काम पूरा नहीं करने पर उठाओ बाहर करो के निर्देश दिए। बैठक में १५ दिसंबर तक पीएम आवास के दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कैथोदा पंचायत के जीआरएस को आधार फीडिंग में लापरवाही बरतने, सिरसा जीआरएस को पीएम आवास, टेकनपुर और चिरुली पंचायत के जीआरएस को भी पीएम आवास के लक्ष्य में लापरवाही बरतने को लेकर निलंबन की कार्रवाई का नोटिस दिए जाने के निर्देश दिए गए। कैथोदा पंचायत जीआरएस को दूसरी बार नोटिस दिया गया है।
५६ फीसदी फीडिंग कार्य: बैठक में पीएम आवास, समग्र आधार फीडिंग, शांतिधाम, खेल मैदान के कार्यों की समीक्षा की गई। ५६ फीसदी समग्र आधार फीडिग कार्य हुआ है। शांतिधाम १३५ में से ५३ जगह काम जारी है। खेल मैदान ११५ में से ६८ गांवों में बनने का काम लंबित है।


थाने ने लौटाया आवेदन: सरनागत पंचायत से जिला पंचायत सीईओ ने पीएम आवास की जानकारी मांगी तो सचिव ने बताया कि एक हितग्राही आवास बनाने के लिए तैयार नहीं है और राशि निकाल ली। एफआईआर की कार्रवाई के लिए पिछोर थाने में जनपद पंचायत सीईओ का आवेदन दिया गया लेकिन थाने ने उक्त आवेदन लौटा दिया। इस पर जिला पंचायत सीईओ नीरजसिंह ने जनपद सीईओ से कहा कि प्रस्ताव बनाकर मुझे भेजो।

दो माह से हैंडपंप खराब, जनता पानी को तरसी, पीएचई विभाग नहीं दे रहा ध्यान
बिलौआ. ग्राम पंचायत जौरासी क्षेत्र में पिछले दो महीने से हैंडपंप खराब है लेकिन पीएचई विभाग शिकायतों के बाद भी हैंडपंपों को सुधरवाए जाने के लिए कदम नहीं उठा रहा है। हैंडपंप खराब होने से पंचायत की आबादी पानी को परेशान हो रही है।
ग्राम पंचायत जौरासी की आबादी करीब चार हजार से ऊपर है। आबादी के मान से यहां करीब दो दर्जन हैंडपंपों का खनन कराया गया था। इन हैंडपंपों में से पांच हैंडपंप पिछले दो महीने से खराब है। इनमें एक सपेरा कॉलोनी, दो आदिवासी कॉलोनी, एक कमरिया कॉलोनी और एक अन्य जगह लगा हैंडपंप खराब होने से महज शोपीस बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में सरपंच को भी समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसी के साथ ही सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है लेकिन पीएचई विभाग ने बिना मौका मुआयना समस्या का निदान किए बिना ही हैंडपंप ठीक होने की झूठी जानकारी भेज दी है। इस बारे में ग्राम पंचायत की सरपंच हेमलता किरार का कहना है कि हैंडपंपों के खराब होने की जानकारी पीएचई विभाग को दे दी गई है।

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