
ग्वालियर . आसमान छूती महंगाई के बीच कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुए इजाफे ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 3338.50 पर पहुंच गए हैं। इस बड़ी वृद्धि के बाद चाय-नाश्ते के ठेले, चाट भंडार और छोटे होटल संचालक अब महंगे कमर्शियल सिलेंडर को छोडकऱ सस्ते घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर शिफ्ट होने लगे हैं। इसका सीधा असर घरेलू सिलेंडरों की रोजाना की खपत पर देखने को मिल रहा है।
पहले जिले में घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति हर दिन 9500 से 10,000 के बीच होती थी, वह अब बढकऱ 12,000 के करीब पहुंच गई है। यानी रोजाना की खपत में 1500 से 2000 सिलेंडरों की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके उलट, कमर्शियल सिलेंडरों की मांग घटकर महज 500 से 600 प्रतिदिन पर सिमट गई है।
जिले में करीब 1.50 लाख उज्ज्वला योजना के कनेक्शन हैं। इस योजना के जो गरीब या ग्रामीण उपभोक्ता पहले पैसों की कमी के कारण नियमित रिफिल नहीं करा पाते थे, वे अब इन सिलेंडरों को ब्लैक में भरवाकर बाजार या छोटे व्यावसायिक आयोजनों में बेच रहे हैं। शादी-ब्याह या अन्य छोटे पारिवारिक कार्यक्रमों में भी अब कमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर धड़ल्ले से खपाए जा रहे हैं।
गैस आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भारत सरकार ने कनेक्शन की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है, जिसकी अंतिम तारीख 30 जून तय की गई है। नए नियमों के मुताबिक अब एक परिवार पर केवल एक ही कनेक्शन रहेगा। यदि पति और पत्नी के नाम अलग-अलग कनेक्शन पाए जाते हैं, तो उनमें से एक कनेक्शन सरेंडर करना होगा। वर्तमान में गैस की आपूर्ति सामान्य है और बुङ्क्षकग के 3 से 5 दिन के भीतर सिलेंडर घर तक पहुंच रहा है।
बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है। पहले की तुलना में इसकी वैधानिक खपत जरूर कुछ कम दर्ज की गई है। जहां भी बड़े पैमाने पर घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, वहां हमारी टीमें जल्द ही औचक निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई करेंगी।
अरङ्क्षवद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक, ग्वालियर