
ग्वालियर। भले ही विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने टिकट फायनल नहीं किए हों, लेकिन टिकट दावेदारों में घमासान मचा हुआ है। वे टिकट की चाहत में अपने-अपने पसंदीदा नेताओं के समक्ष शक्ति प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही कुछ हुआ राजमाता विजयाराजे सिंधिया हवाई अड्डे पर, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समय से लगभग चार घंटे देरी से आए। उनके सामने एक दर्जन से अधिक दावेदारों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ स्वागत ही नहीं किया बल्कि शक्ति प्रदर्शन भी किया।
ग्वालियर-चंबल संभाग में हर विधानसभा सीट से दो से लेकर आधा दर्जन से अधिक दावेदार सक्रिय हैं जो टिकट की चाहत में लगे हुए हैं। पिछले दिनों सिंधिया के जयविलास पैलेस में आने पर उनसे मिलने पहुंचे थे।
पीडि़तों से मिले सिंधिया
कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर आने के बाद जयविलास पैलेस पहुंचे, वहां कुछ देर रुकने के बाद शहर में निकले। अपने प्रवास के दौरान कुछ पीडि़त परिवारों के यहां सांत्वना देने भी पहुंचे। इस दौरान भी उनके साथ कई दावेदार मौजूद थे।
जगह-जगह हुआ स्वागत
ग्वालियर दुर्ग स्थित सिंधिया स्कूल में जाते समय रास्ते में ज्योतिरादित्य सिंधिया का जगह-जगह कांग्रेसियों ने स्वागत किया। इस दौरान दावेदारों के समर्थकों ने अच्छा-खासा हुजूम एकत्रित कर लिया।
खबर मिलते ही पहुंचे हवाई अड्डे
ग्वालियर-चंबल संभाग से टिकट की जुगत में लगे नेताओं को अपने वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर आने की खबर लगी तो वे अपने-अपने समर्थकों की फौज-फाटा के साथ हवाई अड्डे पहुंच गए। वहां की स्थिति ये रही कि कांग्रेस के टिकट दावेदार अपने प्रतिद्वंद्वी को देखकर अपने पसंदीदा दावेदार के नाम को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे थे। सिंधिया का स्वागत करने कांग्रेसियों ने एक-दूसरे से धक्का मुक्की करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां स्वागत के दौरान सिंधिया ने एक-दो दावेदारों से अलग से चर्चा भी की।
करंट गॉसिप
मेरा तो टिकट हो गया फाइनल
कांग्रेस की सूची जारी होने से पहले एक दो नेता कहते फिर रहे हैं कि उनका तो टिकट फाइनल लो गया। माधवगंज वाले नेता ने अपने को प्रत्याशी घोषित कर संपर्क भी शुरू कर दिया। चर्चा है कि महल की एक लॉबी ने उनका टिकट फाइनल करा दिया है। दूसरी ओर ग्वालियर दक्षिण के ही वे दावेदार नेता जिन्हें महल में मिलने के लिए भी नहीं बुलाया गया वे यह कहते फिर रहे हैं कि जब सबसे यही कहना था कि सभी को मिलकर लडऩा है तो उन्हें भी बुलाया जा सकता था।
सिंधिया को भी दे डाली चुनौती
सत्ता के नशे में चूर कहें या हकीकत। यह तो चुनाव ही बता पाएगा। लेकिन कमल दल वाले एक नेताजी ने ग्वालियर विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच से सार्वजनिक ऐलान कर दिया कि सिंधिया तक यह खबर पहुंचा दो कि वे विधानसभा का चुनाव लडऩा चाह रहे हैं तो वे ग्वालियर लड़ लें, उन्हें हमारी पार्टी का छोटा सा कार्यकर्ता ही हरा देगा। वे यहीं नहीं रुके कि उन्होंने सिंधिया के साथ-साथ राहुल गांधी तक को डूबता जहाज कह दिया।