लापरवाही पड़ सकती है भारी। सावधानी बरतकर ही हम शहर को लॉकडाउन से बचा सकते हैं।
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना की रफ्तार में तेजी आ गई है। जिले में पिछले साल संक्रमण हाहाकार मचा चुका है। इसी तरह इस बार भी जिले में मरीजाें की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। बड़ा सवाल ये है कि, आगामी चुनौतियों को लेकर अब तक जिला प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ है। शहर के रेलवे स्टेशन पर यात्रियाें की जांच अब तक गंभीरता से नहीं की जा रही। इसके अलावा, शहर में प्रवेश करने वाले मार्गाें पर भी अब तक सतत जांच व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि, फर्स्ट स्टेज पर शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर ही नियमित जांच की जाए, तो जिले में काेराेना के फैलाव को बहुत हद तक रोका जा सकता है।
रेलवे स्टेशन पर हो रही खानापूर्ति
शहर के रेलवे स्टेशन पर सिर्फ चैकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती देखी जा रही है। हालात ये हैं कि, शहर से बाहर जाने वाले यात्रियाें काे ताे फिर भी चेक किया जा रहा है लेकिन, दूसरे अन्य राज्य या जिलाें से आने वाले यात्रियों की चैकिंग में लापरवाही बरती जा रही है। यानी बाहर से आने वाला कोई भी यात्री अगर संक्रमण का शिकार है, तो उसे सीधे तौर पर शहर में एंट्री मिल रही है।
शहर के प्रवेश मार्गों पर कोई चैकिग व्यवस्था नहीं
प्रदेश में खासतौर पर इंदाैर, भाेपाल और जबलपुर में पिछले कुछ दिनाें में काेराेना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इन शहरों से भी लोग ग्वालियर में आ-जा रहे हैं। लेकिन, इन शहरों की ओर से शहर में आने वाले मार्गों पर भी किसी तरह की खास चैकिंग व्यवस्था नहीं दिख रही है। जबकि प्रवेश मार्गों पर व्यवस्थित ढंग से चेकिंग शुरु हो सके, तो शहर में जाने से पहले ही किसी भी व्यक्ति के बारे में जाना जा सके। अगर व्यक्ति संक्रमण का शिकार पाया जाए, तो उसे समय रहते उपचार भी दिया जा सके। साथ ही, उसके संपर्क में आने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके।
कहीं भारी न पड़ जाए लापरवाही
इसके अलावा, शहर के बाजारों में भी सरकार के इतने कड़े आदेशों के बावजूद बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते लोग आम तौर पर देखे जा सकते हैं। लोगों की इस लापरवाही को भी प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। ये लापरवाही लोगों की जान पर भारी भी पड़ सकती है। जिस तरह सूबे के जबलपुर, इंदौर और भोपाल में एक बार फिर कोरोना संक्रमण का विस्फोट हुआ है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो मरीजों की रफ्तार यहां बढ़ने में भी देर नही लगेगी। स्वास्थ विभाग के मुताबिक, इस बार फैलने वाले कोरोना संक्रमण की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले ज्यादा तीव्र है, जो एक से दूसरे व्यक्ति को तेजी से ग्रस्त कर रहा है। इसलिए सावधान रहकर ही हम अपने शहर को इंदौर और भोपाल की तरह एक बार फिर लॉकडाउन की स्थित आने से बचा सकते हैं।
LOCKDOWN : क्या खुला रहेगा क्या बंद - video