पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती देने की दिशा में न्यायालय ने एक अहम और कड़ा फैसला सुनाया है
ग्वालियर . पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती देने की दिशा में न्यायालय ने एक अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (नगर निगम) ने पॉलीथिन और प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग को लेकर दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश जैव अनाश्य अपशिष्ट अधिनियम 2004 एवं संशोधन अधिनियम 2017 की धारा 9 के तहत अशोक चांदवानी पुत्र अर्जुनदास चांदवानी को पॉलीथिन , प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग करने का दोषी पाया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 1000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 15 दिन का साधारण कारावास अतिरिक्त रूप से भुगतना होगा। नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया ने बताया कि यह फैसला आपराधिक प्रकरण क्रमांक 1485 / 2022 नगर निगम बनाम प्रेम प्रकाश प्रोडक्ट की सुनवाई के दौरान सुनाया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने अभियुक्त की स्वीकारोक्ति के आधार पर अपराध सिद्ध मानते हुए निर्णय दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने प्रकरण में जब्त 3600 किलोग्राम पॉलीथिन / प्लास्टिक कैरी बैग को नगर निगम को सौंपने के निर्देश दिए हैं।