
ग्वालियर.स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में शुरू की गई पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के तहत बनाए गए डॉक स्टेशनों पर रखीं साइकिलों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। क्योंकि कुछ शरारती तत्वों द्वारा साइकिलों में तोड़ फोड़ की जा रही है। कई जगह लोग साइकिल की घंटी निकाल ले गए हैं, कहीं जीपीएस सिस्टम के तार काट दिए हैं, जिससे साइकिल की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। कंपनी के लोगों ने ऐसी साइकिलों को वर्कशॉप में पहुंचाया है। इस तरह के अभी तक करीब 30 मामले आ चुके हैं। अब कंपनी ने जीपीएस वायर को कवर्ड कर दिया है, जिससे इसे कोई काट नहीं सके। इसके अलावा साइकिल की सीट भी निकाली गई हैं, जिन्हें वर्कशॉप लाकर बदला गया है।
38 हजार लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
शहर के विभिन्न डॉक स्टेशनों पर 350 साइकिलें रखी गई हैं। अभी तक 38 हजार के करीब लोगों ने ऐप के माध्यम से रजिस्टे्रशन कराया है। प्रतिदिन 1500 से 1800 के करीब लोग साइकिल चला रहे हैं।
किले पर भी चला सकेंगे साइकिल
किले पर जाने वाले सैलानियों के लिए पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के तहत वहां डॉक स्टेशन बनाया गया है, जिसमें 12 साइकिल रखी गई हैं। इन साइकिलों का इस्तेमाल सिर्फ किला क्षेत्र में ही किया जा सकेगा। राइड के बाद साइकिलों को यहां बने स्टेशन पर ही रखना होगा। इन्हें किले से नीचे लाने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के किए थे दावे
साइकिल के शुभारंभ के समय स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने दावा किया था कि कोई भी साइकिल के साथ छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा, अगर ऐसा हुआ तो तुरंत उसे टे्रस कर लिया जाएगा, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। उन्होंने कमांड सेंटर से इसे जोडऩे की बात भी कही थी, लेकिन कमांड सेंटर शुरू नहीं हो पाने से साइकिल की सही से ट्रैकिंग नहीं हो पा रही है।
ठीक कराया गया है
कुछ साइकिलों के जीपीएस वायर काटने की शिकायत मिली है। इन्हें ठीक कर दिया गया है, इसके अलावा साइकिलों को ट्रैक भी किया जा रहा है। कुछ साइकिल जो स्टैंड पर नहीं थीं या फिर राइड नहीं हो रही थीं उन्हें उठाकर स्टैंड पर लाया गया है।
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