Cyber Fraud : साइबर पुलिस द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम ये है कि, ये ऑनलाइन जालसाज हर रोज ठगी का नया पेतरा खोज निकाल रहे हैं। इसकी ताजा बानगी सूबे के ग्वालियर से सामने आई, जहां पैशे से […]
Cyber Fraud : साइबर पुलिस द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम ये है कि, ये ऑनलाइन जालसाज हर रोज ठगी का नया पेतरा खोज निकाल रहे हैं। इसकी ताजा बानगी सूबे के ग्वालियर से सामने आई, जहां पैशे से एक वकील के साथ ठगी की ऐसी वारदात हुई है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।
बताया जा रहा है कि, साइबर ठगों ने वकील के व्हाट्सएप पर APK फाइल के माध्यम से शादी का निमंत्रण पत्र भेजा, जैसे ही वकील ने उस फाइल पर क्लिक किया, तुरंत ही उनका मोबाइल हैक हो गया और 4 दिन बाद दनादन एक के बाद एक ट्रांजेक्शन हुए, जिसके जरिए खाते में जमा राशि ठगों ने निकाल ली। ठगी का अहसास होते ही वकील ने बैंक से संपर्क किया और ऑनलाइन शिकायत की। पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत की जांच पड़ताल कर मामला दर्ज कर लिया और साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
दरअसल, ग्वालियर थाना इलाके के तानसेन नगर में रहने वाले आशीष सिंह गौर लेबर कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस करते हैं। आशीष ने बताया की 8 जनवरी को उनके मोबाइल पर लेबर वेलफेयर बोर्ड के इंस्पेक्टर सुरेंद्र यादव के मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर शादी के निमंत्रण के लिए एक APK फाइल मिली, जिसे ओपन करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और गूगल स्क्रीन पर अटक गया। कुछ देर बाद अपने आप मोबाइल सामान्य हो गया।
पीड़ित के अनुसार, 12 जनवरी शाम को बैंक खाते से बिना ओटीपी मांगे एक के बाद एक दनादन 93 हजार रुपए निकल गए। ठगी का अहसास होते ही वकील आशीष सिंह ने बैंक से संपर्क किया, जिसके बाद बैंक ने ऑनलाइन शिकायत की। फरियादी आशीष ने 1930 पर कॉल लगाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। इसके बाद वो ग्वालियर थाने पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत के माध्यम से अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।