रजिस्ट्री करने की बारी आई तो साफ मुकर गया
ग्वालियर। जमीन कारोबारी से एक बीघा 14 विस्वा जमीन की डील कर उसे बचने वाला पैसा तो ले गया। लेकिन रजिस्ट्री करने की बारी आई तो साफ मुकर गया। करीब दो साल से कारोबारी को चकमा देता रहा कि रजिस्ट्री करेगा। जब उन्होंने दवाब बनाया तो धमकी दे दी रजिस्ट्री नहीं करेगा चाहे कुछ भी कर लो। ज्यादा टोका टाकी की तो जान से मार देंगे।
महाराजपुरा टीआई आसिफ मिर्जा बेग ने बताया विक्रमपुर गांव में गिर्राज लोधी ने अपने खेत का सौदा इसी गांव में रहने वाले धर्मवीर पुत्र हेवरन लोधी से करीब एक करोड 19 लाख में किया था। अनुबंध करते समय धर्मवीर ने टोकन बतौर 12 लाख 50 हजार रू भी दिए थे। उसके बाद गिर्राज कई बार उनसे रकम लेता रहा। धीरे धीरे कर पूरा पैसा पहुंच गया। अब धर्मवीर ने उससे कहा कि रजिस्ट््री करो तो गिर्राज ने बहाने बनाए। कभी परिवार में शादी की दलील दी कभी कहा कि शहर के बाहर जाना है। इस तरह दो साल का समय निकाल दिया। धर्मवीर ने कुछ दिन पहले जिद पकडी कि बहुत हो गया रजिस्ट््री तो करना पडेगी इस पर गिर्राज ने समझ लिया कि फंस गए तो उसने धर्मवीर को साफ धमकी दे दी कि रजिस्ट््री तो करेगा नहीं। जो पैसा लिया है वह भी नहीं लौटाएगा। ज्यादा हल्ला मचाया तो मार देगा। गिर्राज के इस रवैये से धर्मवीर सकते में आ गए। उन्होंने पुलिस को माजरा बताया। घटनाक्रम की पडताल की तो गिर्राज की बेइमानी सामने आई। उस पर ठगी का केस दर्ज किया।
धीरे धीरे ले गया रकम
धर्मवीर ने पुलिस को बताया कि दोनों एक गांव के रहने वाले इसलिए गिर्राज की नीयत पर शक नहीं किया। वह अक्सर आकर रकम लेता रहा। उसे जमीन का पैसा तो देना ही था इसलिए धीरे धीरे कर पूरी रकम दे दी। यह नहीं पता था कि बरसो से एक ही गांव में रहने वाला बेइमानी करेगा। हद तो जब हो गई रजिस्ट््री कराने के लिए कहा तो गिर्राज मारपीट पर उतारू हो गया।