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एमपी में ग्रेड पे पर शिक्षा विभाग को हाईकोर्ट का झटका, रद्द किया आदेश

Grade Pay- ग्रेड-पे कटौती मनमानी करार, डेटा एंट्री ऑपरेटरों के मामले में निर्णय, कोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की नीति का हवाला दिया

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Gwalior High Court Quashes Education Department Order Regarding Grade Pay Reduction

Gwalior High Court Quashes Education Department Order Regarding Grade Pay Reduction (Photo Source - Patrika)

Grade Pay- ग्वालियर हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के उस मनमाने फैसले को रद्द कर दिया है जिसके तहत संविदा डेटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतन में कटौती की गई थी। जस्टिस आशीष श्रोती की एकलपीठ ने विभिन्न जिला शिक्षा केंद्रों में कार्यरत इन कर्मचारियों की ग्रेड-पे 2400 से घटाकर 1900 करने के आदेश को तर्कहीन और मनमाना करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि इन कर्मचारियों को पूर्व की भांति 2400 ग्रेड-पे की दर से ही पारिश्रमिक दिया जाए।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की उस नीति का हवाला दिया, जिसमें संविदा कर्मचारियों के हित में बड़े प्रावधान किए गए थे। नीति की कंडिका 4.1.1 के अनुसार, 1 अप्रेल 2018 से पहले से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का वेतन नियमित पदों के समकक्ष सातवें वेतनमान के न्यूनतम मूल वेतन के 100 फीसदी के बराबर तय किया जाना अनिवार्य है।

बिना किसी ठोस कारण के 31 अगस्त 2023 को घटा दिया

याचिकाकर्ता आलोक संत और अन्य ने दलील दी थी कि वे 2018 से पहले से कार्यरत हैं और 2019 से उन्हें 2400 ग्रेड-पे मिल रहा था। इसे बिना किसी ठोस कारण के 31 अगस्त 2023 को घटा दिया गया।

परीक्षा केंद्रों की लिस्ट की जारी

इधर ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम वर्ष (बीए, बीकॉम, बीएससी एवं बीएससी होम साइंस) की मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार नियमित, प्राइवेट एवं पूर्व छात्रों की परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शासकीय, अनुदानित एवं निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड पर अंकित परीक्षा केंद्र की जानकारी का सत्यापन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तत्काल विश्वविद्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।

आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश

परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्राध्यक्षों को पेयजल, बिजली, पंखे, प्रकाश, सीसीटीवी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलबध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यदि किसी केंद्र पर फर्नीचर की कमी है तो उसकी व्यवस्था अन्य महाविद्यालयों से समन्वय कर या किराए पर करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या असहयोग पर संबंधित कॉलेजों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर केवल निर्धारित महाविद्यालयों के ही छात्र परीक्षा दे सकेंगे, अन्य को अनुमति नहीं होगी।

ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया और श्योपुर जिलों के विभिन्न शासकीय एवं निजी कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जबकि मुरैना में दो स्कूलों को भी केंद्र बनाया गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जाए।