
ग्वालियर। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में अस्थाई कर्मचारी की मौत की जांच के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी, के कुलपति डॉ.अरविंद कुमार ने जांच करने से इनकार कर दिया है, इसलिए दस दिन के अंदर ही समिति के अध्यक्ष को बदलना पड़ा है। मंगलवार को उनके स्थान पर जवाहर लाल नेहरू कृषि विद्यालय, जबलपुर के पूर्व कुलपति डॉ.डीपी सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है।
अस्थायी कर्मचारी अरुण की मौत के दस दिन बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। जांच समिति के अध्यक्ष सहित तीनों सदस्यों ने एक बार भी विश्वविद्यालय आकर किसी से पूछताछ नहीं की है, इससे पहले ही जांच समिति के अध्यक्ष को बदलना पड़ गया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन दावा कर रहा है कि जांच २४ जून तक पूरी हो जाएगी। उधर जांच शुरू नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है। उनका कहना है कि सब सबूत होने के बावजूद दस दिन में कोई कार्रवाई करना तो दूर जांच समिति भी नहीं आई है। जांच समिति के एक सदस्य ने बताया कि अध्यक्ष के आने के बाद ही जांच शुरू हो पाएगी।
अब यह होगी जांच समिति
समिति में अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू कृषि विद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलपति डॉ.डीपी सिंह, निदेशक अटारी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जबलपुर के डॉ.अनुपम मिश्र, पूर्व निदेशक अनुसंधान सेवाएं जबलपुर डॉ.जेपी वर्मा और विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. एके बडोलिया को शामिल किया गया है।
गर्म बना है मामला
कर्मचारी की मौत के बाद साथी कर्मचारियों ने कैंडल मार्च के साथ अन्य आंदोलन किए हैं। मृतक कर्मचारी के पिता ने भी कहा है कि उनको न्याय नहीं मिला तो वह विश्वविद्यालय गेट पर आत्महत्या कर लेंगे, इससे कर्मचारी की मौत का मामला गर्म चल रहा है।
मैं नहीं आ सकता
"मैं पारिवारिक कार्यों के चलते समिति में रहकर जांच करने के लिए ग्वालियर नहीं आ सकता हंू, इसलिए मेरी जगह दूसरे सदस्य को अध्यक्ष चुन लिया जाए।"
डॉ.अरविंद कुमार, कुलपति रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी
२४ तक होगी जांच पूरी
"समति में अध्यक्ष डॉ.अरविंद कुमार कुछ परेशानी के चलते जांच करने के लिए नहीं आ सकते हैं, उनके स्थान पर जबलपुर के डॉ. डीपी सिंह को रखा गया है। यह समिति २२ से २४ जून तक जांच पूरी कर लेगी।"
डीएल कोरी, कुलसचिव राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय