ग्वालियर

शहर में 7378 सोलर पैनल के बाद भी बढ़ रही बिजली की भूख

ग्वालियर. शहर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने घरों और संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली की कुल खपत लगातार बढ़ रही है। पिछले दो वर्षों में शहर में बिजली की मांग करीब 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बिजली कंपनी के […]

2 min read
Mar 08, 2026

ग्वालियर. शहर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने घरों और संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली की कुल खपत लगातार बढ़ रही है। पिछले दो वर्षों में शहर में बिजली की मांग करीब 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बिजली कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक शहर में इस समय 7378 सोलर पैनल स्थापित हैं। इनसे उपभोक्ता अपने स्तर पर बिजली उत्पादन कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भी भेज रहे हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग और शहर के विस्तार के कारण बिजली की कुल मांग में कमी नहीं आ रही है।

मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी खपत

तापमान बढ़ते ही बिजली की मांग में भी उछाल देखने को मिल रहा है। इस साल मार्च के पहले छह दिनों में ही शहर की बिजली खपत 36.92 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो इस मौसम के लिहाज से काफी अधिक मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, एयर कंडीशनर और कूलर के उपयोग के कारण खपत और बढ़ने की संभावना है।

सोलर से 20 लाख यूनिट बिजली उत्पादन

शहर में लगाए गए सोलर पैनलों से अच्छी मात्रा में बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। जनवरी माह के आंकड़ों के अनुसार 7378 सोलर पैनलों से 20 लाख 45 हजार 628 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। इस बिजली का उपयोग उपभोक्ता अपने घरों और प्रतिष्ठानों में कर रहे हैं, जबकि अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली कंपनी के ग्रिड में भेजा जा रहा है।

एक साल में 63 लाख यूनिट बढ़ी खपत

ग्वालियर क्षेत्र में फरवरी माह के दौरान बिजली खपत में इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

  • फरवरी 2025: 987.16 मिलियन यूनिट
  • फरवरी 2026: 1050.19 मिलियन यूनिटयानी एक साल में 63.03 मिलियन यूनिट की बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 6.38 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है।ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि एसी, कूलर, हीटर, गीजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का तेजी से बढ़ता उपयोग तथा नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का विस्तार बिजली मांग बढ़ने की बड़ी वजह है।

बढ़ती खपत का असर उपभोक्ताओं पर

बिजली की बढ़ती मांग का असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। मांग बढ़ने के साथ बिजली कंपनियों की लागत भी बढ़ती है, जिसका असर समय-समय पर बिजली दरों में वृद्धि के रूप में सामने आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बचत और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाकर इस भार को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

अधिक सोलर लगाने के लिए करेंगे प्रोत्साहित

सौर ऊर्जा से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिल रही है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। इसके बावजूद शहर की कुल बिजली खपत कम करने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को और बढ़ाने की जरूरत है। आने वाले समय में अधिक उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।”
— संदीप कालरा, महाप्रबंधक, शहर वृत बिजली कंपनी

फरवरी में बिजली खपत (मिलियन यूनिट)

  • 2024: 1047.51
  • 2025: 987.16
  • 2026: 1050.19

मार्च के पहले 6 दिन की खपत (लाख यूनिट)

2024: 33.84
2025: 34.48
2026: 36.92

Updated on:
08 Mar 2026 06:11 pm
Published on:
08 Mar 2026 06:10 pm
Also Read
View All

अगली खबर