रविवार को गोल पहाडिय़ा क्षेत्र में गंदा पानी आया, जिसमें बदबू आ रही थी। इससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा।लगभग 6 महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। शहर में 66 वार्ड हैं, जिनका कोई न कोई क्षेत्र गंदे पानी की समस्या से जूझ रहा है।
ग्वालियर। गंदे पानी की समस्या का समाधान करने में नगर निगम पूरी तरह विफल रहा है। कई क्षेत्रों में अभी भी गंदा पानी आ रहा है। जबकि निगम अधिकारी शहर में साफ पानी की सप्लाई का दावा कर रहे हैं। रविवार को गोल पहाडिय़ा क्षेत्र में गंदा पानी आया, जिसमें बदबू आ रही थी। इससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा।लगभग 6 महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। शहर में 66 वार्ड हैं, जिनका कोई न कोई क्षेत्र गंदे पानी की समस्या से जूझ रहा है।
गोल पहाडिय़ा में लंबे समय से गंदे पानी की समस्या है। यहां तिघरा के पानी की सप्लाई एक दिन छोडकऱ होती है, लेकिन यह भी गंदा आता है। लोगों ने शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिन पानी साफ आने के बाद फिर गंदा आने लगता है। क्षेत्रीय निवासी सोनू पाल ने बताया कि आए दिन गंदा पानी आता है। पानी इतना गंदा होता है कि इसे पीना तो दूर नहाने में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। क्षेत्र में लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए सभी लोग खरीदकर पानी नहीं पी पाते हैं। मजबूरी में लोगों को यहां वहां से पानी भरकर लाना पड़ता है।
बिना सुनवाई बंद की शिकायत
रहवासियों ने कई बार शिकायत की है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की, लेकिन उसे बिना सुनवाई के ही बंद कर दिया गया। नगर निगम कमिश्नर द्वारा शिकायतों को नागरिकों की संतुष्टि के बाद ही बंद करने के निर्देश अधिकारियों को दिए जा रहे हैं, दूसरी ओर बिना निराकरण के अधिकारी शिकायत बंद कर रहे हैं। यही कारण है कि सीएम हेल्पलाइन में नगर निगम की रैंकिंग में ग्वालियर नगर निगम सबसे आखिरी पायदान पर आया था।