ग्वालियर

Happy Diwali 2019: 12 साल बन रहा है यह खास मुहुर्त, इस समय करें घर में दिवाली पूजन

diwali poojan ke muhurat: दीपावली के अवसर पर हर द्वार पर रंगोली सभी को अपनी ओर आकर्षित करेगी तो आकर्षक तोरण वंदनवार और रंग-बिरंगी जगमगाहट बिखेरती झालरों.......

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Oct 27, 2019
diwali poojan ke muhurat

ग्वालियर. दीपावली का पर्व रविवार को उमंग, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुबह से दीपोत्सव की तैयारी के बाद शाम को शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी एवं गणेश का पूजन होगा। शनिवार को दिनभर शहरवासियों ने बाजारों में लक्ष्मी-गणेश के पन्ने, मूर्तियां, पूजन सामग्री, खील-बताशे, मिठाई और आतिशबाजी की खरीदारी की। दीपावली के अवसर पर हर द्वार पर रंगोली सभी को अपनी ओर आकर्षित करेगी तो आकर्षक तोरण वंदनवार और रंग-बिरंगी जगमगाहट बिखेरती झालरों और इलेक्ट्रॉनिक दीपकों के साथ परंपरागत मिट्टी के दीए की रोशनी से सारा शहर रंग-बिरंगा हो जाएगा।

ऐसे करें पूजन

दीपावली पर लक्ष्मी जी का पूजन करने के लिए लक्ष्मी, गणेश और सरस्वती का पाना दीवार पर लगाकर दो थालों में 6 चौमुखे दीपक, 26 छोटे दीपक, प्रज्जवलित कर जल, रोली, खील, बतासे, चावल, मिठाई, अबीर, गुलाल, धूप, फूल, फल, माला, चांदी का सिक्का, रुपया, रुपया रखकर पूजन करना चाहिए। कलावा बांधकर तिलक करके पूजन का संकल्प कर अपने ईष्टदेव का ध्यान करना चाहिए। पूजन के बाद चौमुखी दीपक लक्ष्मी-गणेश के पास रखे रहने दें, बाकी छोटे-छोटे दीपक पूजा स्थल से उठाकर घर में जगह-जगह रखें। ज्योतिषाचार्य डॉ.एचसी जैन ने बताया कि 27 अक्टूबर रविवार को दोपहर 12.22 बजे से अमावस्या तिथि प्रारम्भ होगी जो 28 अक्टूबर सोमवार को सुबह 9.08 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्य पं.सतीश सोनी के मुताबिक इस साल दीपावली पर चतुर्दशी और अमावस्या तिथि रहेगी। 12 वर्ष पहले भी यही योग बने थे।

जमकर बिके ड्रॉयफ्रूट
दीपावली के त्योहार के लिए इस बार बाजार में ड्रॉयफू्रट की विशेष पूछ-परख रही। इसके साथ ही मावे की मिठाइयों की बजाय आमजन पेठा की खरीदारी करते हुए देखे गए।

बहीखातों का होगा पूजन
व्यापार जगत में टैली सॉफ्टवेयर का बोलबाला होने के बावजूद भी दीपावली के दिन बहीखातों का पूजन किया जाता है। व्यापारी वर्ग इस दिन नए बहीखातों का पूजन करेंगे और फिर एक अप्रैल से उनमें हिसाब आदि लिखना शुरू किया जाएगा।

गोवर्धन पूजा कल
28 अक्टूूबर सोमवार को गोवर्धन पूजा की जाएगी। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन अन्नकूट भी किया जाता है। इस दिन गोवंश अर्थात गाय, बैल, बछड़े आदि को स्नान कराकर उनकी पूजा की जाती है। इसी दिन भगवान कृष्ण को 56भोग बनाकर लगाया जाता है।

तन ही नहीं मन भी संवारा
छोटी दिवाली (रूप चौदस) का पर्व शनिवार को शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दीपावली के एक दिन पूर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर महिलाओं में इस दिन के प्रति विशेष उत्साह देखा गया। कई तरह के लेप-उबटनों सेे महिलाओं ने अपना रूप तो संवारा ही, साथ ही अधिकांश महिलाओं ने अपने मन में छुपे, क्रोध, ईष्र्या, द्वेष जैसे शत्रुओं को हटाकर अपने मन को भी संवारने का संकल्प लिया। रूप चतुर्दशी के अवसर पर स्नान के बाद उबटन किया गया। वहीं शाम को घर में और घर के बाहर दीपक भी लगाए गए।

अब होंगे अन्नकूट

Published on:
27 Oct 2019 01:21 pm
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