सालों पुराने प्राचीन दाऊजी मंदिर में भगवान द्वारिकाधीश भक्तों को देते है दर्शन
ग्वालियर। रविवार को देशभर में दिवाली का त्योहार पूरे धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इसके अगले दिन दिन यानी पड़वा से मध्यप्रदेश के चंबल जिले के इस गांव में भगवान द्वारिकाधीश मेहमानी करेंगे। जिनके दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में लोग है। जी हां हम बात कर रहे हैं मुरैना गांव स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर की। जहां आज से लीला मेला शुरू हो रहा है। ऐसी मान्यता है कि 300 साल पुराने इस मंदिर पर भगवान द्वारिकाधीश अपना धाम छोडकऱ गांव में मेहमानी करने आते हैं।
इस मेला की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के हजारों लोग इस दौरान मंदिर पर भगवान दाऊजी की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। मुरैना गांव स्थित लीला मेला में बाकायदा भगवान द्वारिकाधीश रथ पर विराजमान होकर निकलते हैं। इस दौरान नागलीला का मंचन भी होता है। गांव के स्वामी परिवार में हर साल जन्मे नवजात शिशु के जरिए यह नाग को नाथा जाता है।
साढ़े तीन दिन तक चलने वाले लीला मेला के दौरान जहां धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृ़तिक आयोजन होते हैं। वहीं यहां की घोड़ी रेस पूरे देशभर में विख्यात है, इसमें भाग लेने के लिए दूर-दराज के घुड़सवार यहां अपनी-अपनी घोडिय़ों को सजाकर हिस्सा लेने आते हैं। भगवान द्वारिकाधीश का धाम होने की वजह से मुरैना गांव में मोर बहुतायात संख्या में पाई जाती है,जो यहां की पहचान भी है।
रिश्ते भी होते है पक्के
बताया जाता है कि इस प्राचीन लीला मेला की एक विशेषता यह भी है कि यहां कई समाज के लोग आपस में मिलते-जुलते हैं और दाऊजी मंदिर परिसर में अपने विवाह योग्य बेटे-बेटियों के सगाई-संबंध पक्के करते हैं। लोग सालभर इस मेले का इंतजार करते हैं, ताकि वे भगवान के सामने अपने बच्चों के संबंध पक्का कर सकें। इसके साथ ही इस मेले में हजारों की संख्या में भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए आते हैं।