आठ दौर की नीलामी पूरी, ठेकेदार ऊंची रिजर्व प्राइस के कारण नहीं दिखा रहे रुचि
ग्वालियर.वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में आबकारी विभाग को अब तक अच्छा खासा राजस्व मिला है, लेकिन सभी दुकानों की नीलामी पूरी नहीं हो सकी है। जिले की कुल 111 कम्पोजिट शराब दुकानों में से 94 दुकानों की नीलामी हो चुकी है, जबकि 17 दुकानें अब भी लंबित हैं।
विभाग के अनुसार इन दुकानों की कुल रिजर्व प्राइस करीब 677 करोड़ रुपए तय की गई थी। अब तक हुई नीलामी से लगभग 538 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 32.5 करोड़ रुपए अधिक है। इसके बावजूद शेष 17 दुकानों से लगभग 139 करोड़ रुपए का राजस्व आना अभी बाकी है।
ऊंची कीमतें बन रहीं बाधा
सूत्रों के मुताबिक, जिन दुकानों की नीलामी नहीं हो पा रही है, वे पिछले साल काफी ऊंची दरों पर गई थीं। इस बार ठेकेदार उतनी बड़ी बोली लगाने से बच रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि बार-बार नीलामी विफल होने पर विभाग को रिजर्व प्राइस में कमी करनी पड़ सकती है, इसी कारण वे फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।
लोकेशन और प्रतिस्पर्धा भी कारण
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि कुछ दुकानों की लोकेशन, उनकी बिक्री क्षमता और पिछली ऊंची दरें भी नीलामी में बाधा बन रही हैं। कई जगह प्रतिस्पर्धा कम होने से बोली प्रक्रिया को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है।
जल्द पूरा करने के प्रयास
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नीलामी प्रक्रिया लगातार जारी है और शेष दुकानों को जल्द आवंटित करने की कोशिश की जा रही है। जरूरत पडऩे पर शर्तों में बदलाव या दोबारा निविदा प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।