
ग्वालियर. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट तैयार कराने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट की जड़ें अब प्रशासनिक महकमों तक गहराई से उधड़ने लगी हैं। एसटीएफ ने इस फर्जीवाड़े में 8 और नए चेहरों की पहचान कर ली है। एसटीएफ डीआइजी राहुल लोढ़ा ने इन आठ पर भी इनाम घोषित किया है। इस तरह अब तक 21 फरार घुसपैठियों पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। गुरुवार को 13 पर इनाम घोषित किया था। नए चेहरों में डबरा के सिमरिया टेकरी के पते पर पासपोर्ट बनवाने वाले फरार बांग्लादेशी, उनके लोकल स्लीपर सेल और भोपाल के अशोक बौद्ध विहार के पते पर जाली दस्तावेज तैयार कराने वाले संदिग्ध शामिल हैं। एसटीएफ की जांच में यह साफ हो चुका है कि डबरा, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना, इन पांचों जिलों में फर्जी पासपोर्ट बनवाने के लिए एक ही पैंतरा अपनाया गया था। मास्टरमाइंड रियाल चौधरी ने बौद्ध मठों और विहारों में रहने वाले कुछ भंते और स्थानीय लोगों के साथ साठगांठ कर सिंडीकेट खड़ा किया। बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को स्थानीय मूल निवासी और बौद्ध भिक्षु साबित करने के लिए झूठे गवाह तैयार किए गए। इन जाली दस्तावेजों के आधार पर पुलिस, नगर पालिका, नगर निगम और अंत में पासपोर्ट सेवा केंद्र के सिस्टम को चकमा देकर पासपोर्ट जारी करा लिए।
इन पर इनाम
डबरा से फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले घुसपैठिए टीटू रॉय, शुभा मुतशुद्धि, सुमन सरकार,अमित चौधरी, सइकत चौधरी, डिगेन्तो अधिकारी,राजीव रॉय, अरित्रा रॉय, दीपक घोष, सूरज रॉय, लावुल रॉय, सुजीत रॉय, रॉकी रॉय सहित गुलाब राय गौतम सहित सिमरिया टेकरी निवासी इनके मददगारों और भोपाल अशोका बौद्ध विहार से पासपोर्ट बनवाने वाले घुसपैठियों पर 20-20 हजार का इनाम हुआ है।
डबरा तहसील दफ्तर से जब्त हुआ 2021-22 का रिकॉर्ड
-डबरा में एक पते और एक ही मोबाइल नंबर से 17 बांग्लादेशियों ने आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मूल निवासी जैसे अहम दस्तावेज कैसे हासिल किए, इसकी सुरागकशी के लिए एसटीएफ की टीम ने डबरा तहसील कार्यालय में छापा मारा। टीम ने 2021-22 के दौरान पदस्थ तहसीलदारों, बाबुओं और संबंधित स्टाफ का पूरा ब्यौरा खंगाला है।
-रिकॉर्ड से खुलासा हुआ है कि सिमरिया टेकरी के कुछ स्थानीय लोगों ने इन विदेशी घुसपैठियों को यहां का स्थायी निवासी बताने के लिए झूठे शपथ पत्र और गवाहियां दी थीं। इसमें वांटेड चल रहा गुलाबराय गौतम उर्फ सम्यक बोधि भंते (निवासी माधौनगर, ग्वालियर) सामने आया है, जिसके इशारे पर यह फर्जीवाड़ा फला-फूल रहा था।
गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है
फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट तैयार कराने वाले नेटवर्क में शामिल 8 और नए आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। इनमें डबरा और भोपाल के मामले से जुड़े घुसपैठिए और उनके लोकल मददगार शामिल हैं। गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ भोपाल