
ग्वालियर। सौसा गांव के एक बदमाश ने भाई के साथ मिलकर रिटायर्ड फौजी से मारपीट कर दी। इससे भी मन नहीं भरा तो पथराव किया फिर अंधाधुंध गोलियां भी चलाईं। जिससे क्षेत्र के लोगों में भगदड़ मच गई। वहीं जैसे ही पुलिस को पता चला तो वह मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाश भाग चुके थे। पुलिस ने फौजी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक सौसा गांव निवासी रामौतार यादव को अरुण यादव और वीरेन्द्र यादव ने मिलकर पीटा है।
रामौतार आर्मी में था। रिटायरमेंट लेकर परिवार के साथ गांव रहने लगा। उसके घर के दरवाजे से रोजाना अवैध रेत से भरे डंपर निकलते है। इस कारण रास्ते में जगह-जगह गड्ढे हो गए है। डंपरों के कारण धूल भी उड़ती है। जिससे बच्चे बीमार हो रहे है।
इन डंपरों को गांव के रास्ते से निकलवाने का काम अरुण और बीरेन्द्र करते है। शनिवार रात को जब डंपर निकले तो रामौतार ने इसका विरोध किया। इस पर हमलावर भडक़ गए। उन्होंने रामौतार को पीट दिया फिर पथराव कर गोलियंा भी चला दी।
रेत माफिया से वसूली
हमलावरों का काम गांव के रास्ते से रेत से भरे डंपर निकलवाने का जिम्मा है। रेत माफिया इसके एवज में इन्हें प्रति डंपर 600 रुपए भी देते है। इससे रेत माफिया का काफी फायदा है। क्योंकि मोहनपुर टोल पर कीरब 3600 रुपए लगते है। पैसे बचाने के लिए माफिया टोल के रास्ते न जाते हुए सौसा गांव से डंपर निकलते है।
कई मामले दर्ज
हमलावरों में अरुण यादव का अपराधिक रिकॉर्ड भी है। इस पर कई मामले दर्ज है। इसका जिला बदर का भी प्रस्ताव बनाकर तैयार हो गया था। लेकिन किसी कारणवश रुक गया। इस वारदात के बाद दोबारा जिला बदर का प्रस्ताव बनेगा।
"हमलावरों को पकडऩे के लिए उनके घर और अन्य कुछ ठिकानों पर दबिश दी गई। लेकिन वह मिले नहीं। उनकी तलाश जारी है।"
अवधेश सिंह कुश्वाह, थाना प्रभारी उटीला