कनेक्शन नहीं फिर भी ले सकते हैं गैस, जरूर पढ़ें ये खबर
घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए शासन और प्रशासन सख्त होने की बात करता है, लेकिन शहर में यह कारोबार खुलेआम चल रहा है। वैसे तो बिना कनेक्शन के गैस सिलेंडर नहीं मिल सकता है, लेकिन कोई 50 से 100 रुपए अधिक देता है तो सिलेंडर आसानी से मिल जाता है। पत्रिका द्वारा किए गए स्टिंग में इसका खुलासा हुआ। एजेंसी के कर्मचारी ब्लैक में गैस सिलेंडर बेच देते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय का सख्त निर्देश है कि गैस एजेंसी संचालक होम डिलीवरी सप्लायर को वजन मशीन मुहैया कराएं, वह भी मापतौल विभाग द्वारा रजिस्टर्ड। ऐसा इसलिए कि अगर उपभोक्ता को संदेह होता है कि सिलेंडर में गैस वजन से कम है तो वह कर्मचारी से वजन करने की मांग कर सकता है। यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराने पर और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। शहर मेंं अधिकांश होम डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों के पास वजन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मशीन नहीं होती है। ये लोग बिना रजिस्टर्ड वजन का कांटा लेकर पहुंच जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कांटा मांगने पर भी ये उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिसके कारण सही ढंग से वजन नहीं हो पाता है, इसलिए कम वजन होने पर भी लोग इसकी शिकायत नहीं कर पाते हैं। नियम की बात करें तो वजन से संतुष्ट नहीं होने पर सिलेंडर को वापस किया जा सकता है और इसके लिए गैस एजेंसी संचालक से शिकायत भी की जा सकती है। साथ ही अगर गैस एजेंसी संचालक द्वारा सुनवाई नहीं की जाती है तो खाद्य आपूर्ति अधिकारी से शिकायत की जा सकती है।
गैस कर्मचारी से रिपोर्टर की बातचीत
रिपोर्टर: भइया घर में प्रोग्राम है दो गैस सिलेंडर चाहिए।
कर्मचारी: कब चाहिए।
रिपोर्टर: दो दिन बाद चाहिए।
कर्मचारी: मिल जाएंगे, लेकिन रसीद के अलावा प्रति सिलेंडर 100 रुपए अधिक देने होंगे।
रिपोर्टर: 100 रुपए तो ज्यादा हैं कम नहीं हो सकते हैं।
कर्मचारी: नहीं, इतने ही लगते हैं।
रिपोर्टर: ठीक है, कहां से मिलेंगे।
कर्मचारी: इसी जगह पर मिल जाना।
रिपोर्टर: कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना।
कर्मचारी: कैसी दिक्कत, आप तो आना और सिलेंडर ले जाना।
कार्रवाई के नाम पर हो रही सिर्फ खानापूर्ति
जहां लोगों को नंबर लगाने के बावजूद समय पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिल पाता है, वहीं होटल एवं अन्य व्यावसाइयों को बिना देरी किए गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद इनका उपयोग किया जा रहा है। कार्रवाई के नाम पर अधिकारी महज खानापूर्ति करते हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बिना सब्सिडी के 1021 रुपए है, लेकिन जब ब्लैक में बिना कनेक्शन के इसे लिया जाता है तो इसके लिए डिलीवरी करने वाले कर्मचारी 100 से 150 रुपए तक अधिक लेते हैं। डिमांड अधिक होने पर ये दाम और भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में कनेक्शन वाले घरों में सप्लाई भी देरी से की जाती है। आमजन को इसका खामियाजा भगुतना पड़ता है।
तीन स्तर पर है जांच का प्रावधान
पहले एजेंसी खुद देखती है कि अगर उसके द्वारा कर्मचारियों को वजन मशीन मुहैया कराई गई है तो हॉकर उसका उपयोग करते हैं कि नहीं। एलपीजी कंपनी की टीम को भी समय-समय पर जांच करनी होती है। जिला आपूर्ति विभाग को भी जांच करनी होती है, इसके बावजूद गैस सप्लायर मशीन लेकर नहीं जाते हैं।
सर्दियों में बढ़ जाती है डिमांड
गैस सिलेंडरों की मांग होटल रेस्टोरेंटों में बड़े स्तर पर है। उपभोक्ताओं के अलावा शहर में तीन सौ के करीब होटल रेस्टोरेंटों में सिलेंडरों की जरूरत होती है। मिठाई विक्रेता, चाय की दुकान फास्ट फूड की रेहडिय़ों पर भी गैस सिलेंडर की मांग रहती है। इस खपत को अवैध तरीके से पूरा किया जा रहा है। व्यावसायिक सिलेंडर महंगा होने से घरेलू गैस का उपयोग अधिक होता है।
की जाएगी कार्रवाई
बिना गैस कनेक्शन के सिलेंडर नहीं दिया जा सकता है। अगर कोई इस तरह का काम कर रहा है तो मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। होम डिलीवरी के समय वजन न करने पर भी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वायपी चौहान, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी