ग्वालियर

MP News: शादी वाले घर को कितने सिलेंडर मिलेंगे ? तय होगी गाइडलाइन !

lpg cylinder shortage: गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर के वितरण के लिए प्राथमिकता तय कर दी है।

2 min read
lpg cylinder shortage (Photo Source - Patrika)

lpg cylinder shortage: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण शहर में गहराए गैस संकट के बीच शहर में गैस न मिलने की शिकायतें आम हो गई है। सीएम हेल्पलाइन पर लगे अंबार के बाद खाद्य विभाग की टीमों ने गैस एजेंसियों की जांच शुरू कर दी है। बीते दिन पूनम गैस एजेंसी के निरीक्षण में स्टॉक में भारी अनियमितता पाई गई है, जिसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इससे पहले बापू इंडेन की जांच में भी स्टॉक का अंतर सामने आ चुका है।

खाद्य निरीक्षकों की टीम ने चेतकपुरी स्थित शेरे पंजाब होटल पर भी दबिश दी। यहां शिकायत मिली थी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा कि व्यवसायिक काम में घरेलू है। हालांकि, जांच के दौरान वहां कमर्शियल सिलेंडर ही उपयोग होते मिले। विभाग अब उन होटलों और ढाबों पर पैनी नजर रख रहा है जो चोरी-छिपे घरेलू गैस का इस्तेमाल कर रहे है। सवाल ये है कि कमर्शियल सिलेंडर इस होटल को कैसे मिले? कहीं पुराना स्टॉक तो नहीं कर रखा। इस पर भी विभाग जानकारी कर रहा है।

ये भी पढ़ें

‘इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड’ रूट का बदला मॉडल, कहीं से भी कर सकेंगे एंट्री-एग्जिट

नया कोटा सिस्टम लागूः किसे कितना मिलेगा ?

गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर के वितरण के लिए प्राथमिकता तय कर दी है। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद भदौरिया के अनुसार, अब कोटे के हिसाब से ही सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके लिए पात्र संस्थान जिला आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

कैसे करें आवेदन ?…

जिन संस्थानों को कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत है, उन्हें जिला आपूर्ति कार्यालय में आवेदन देना होगा। विभाग उनके स्टॉक और जरूरत का आकलन करने के बाद कोटे के अनुसार सिलेंडर अलॉट करेगा।

इतना कोटा मिलेगा (स्टॉक का प्रतिशत)

शिक्षण संस्थान और अस्पतालः 30%
पुलिस, सुरक्षा बल और सरकारी छात्रावास (बच्चे/वृद्ध): 35%
होटल: 09%
रेस्टोरेंट और कैटरर्सः 09%
ढाबा और फास्ट फूडः क 07%
उद्योग (इंडस्ट्री): 05%
अन्य उद्योगः 05%
शादी-समारोहः गाइडलाइन नहीं

पत्रिका व्यू…

युद्ध की स्थिति ने गैस संकट जरूर पैदा किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गैस एजेंसियों द्वारा स्टॉक की हेराफेरी इस संकट को 'मानव निर्मित' बना रही है। पूनम और बापू इंडेन जैसी एजेंसियों में स्टॉक का अंतर मिलना गंभीर लापरवाही है। प्रशासन को केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कोटे का निर्धारण एक अच्छा कदम है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पतालों और सुरक्षा बलों को प्राथमिकता मिले और कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगे।

घरेलू में 50 हजार से नीचे आई वेटिंग

राहत की बात यह है कि शहर में घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में तेजी आई है। हर दिन करीब 10 हजार घरेलू सिलेंडर बांटे जा रहे हैं, जिससे वेटिंग लिस्ट अब 50 हजार से नीचे आ गई है। हालांकि, सिलेंडर बुक करने के कई दिनों बाद नंबर आने की समस्या अब भी बनी हुई

महीने भर में 307 रुपये की बढ़ोतरी

पश्चिम-एशिया में छिड़ी जंग के चलते 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि महीने भर में इसके दामों में 307 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। अप्रेल के पहले दिन ही 192.50 रुपए का इजाफा किया गया, जिससे अब यह 2303 रुपए का हो गया है। 1 सितंबर 2023 से अब तक इसके दाम 544.50 रुपए बढ़ चुके हैं, जिससे यह होटल-रेस्टॉरेंट की पहुंच से दूर हो गया है।

ये भी पढ़ें

‘AC’ की तरह ‘कूलरों’ में भी होगी ‘स्टार रेटिंग’, कम आयेगा बिजली बिल

Published on:
02 Apr 2026 04:00 pm
Also Read
View All

अगली खबर