ग्वालियर

हॉलमार्किंग लाइसेंस लेने में ग्वालियर तीसरे नंबर पर, भोपाल सबसे आगे, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर

- प्रदेश के 8 जिलों में 16 जून से लागू की गई थी गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग की व्यवस्था

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हॉलमार्किंग लाइसेंस लेने में ग्वालियर तीसरे नंबर पर, भोपाल सबसे आगे, जबकि जबलपुर दूसरे नंबर पर

ग्वालियर. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने गत 16 जून से गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्क की अनिवार्यता लागू कर दी थी। गोल्ड ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग की व्यवस्था लागू हुए आज पूरा एक माह बीत चुका है, फिर भी सराफा कारोबारी लाइसेंस लेने में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। मध्यप्रदेश के 8 जिलों में अभी तक कुल 850 सराफा कारोबारी लाइसेंस ले चुके हैं। पहले चरण में प्रदेश के जिन 8 जिलों में हॉलमार्क ज्वैलरी अनिवार्य की गई थी उनमें लाइसेंस लेने में भोपाल सबसे आगे हैं। यहां अभी तक 204 कारोबारियों ने लाइसेंस लिया है। दूसरे नंबर पर जबलपुर है, जहां 170 ज्वैलर्स लाइसेंस ले चुके हैं। वहीं तीसरा नंबर ग्वालियर का है, यहां पर 137 कारोबारियों ने लाइसेंस लिए हैं। वहीं प्रदेश में सबसे अधिक ज्वैलर्स इंदौर के होने के बावजूद यहां पर लाइसेंस लेने वालों की संख्या केवल 135 ही है। भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों की मानें तो लाइसेंस लेने वाले कारोबारियों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जल्द ही इनकी संख्या में और बढ़ोतरी होगी।

अभी तक की स्थिति
शहर हॉलमार्क लाइसेंस वाले ज्वैलर्स कुल ज्वैलर्स
भोपाल 204 750
जबलपुर 170 1200
ग्वालियर 137 600
इंदौर 135 1500
रीवा 56 400
देवास 52 300
सतना 40 450
(नोट - हॉलमार्क लाइसेंस वाले ज्वैलर्स के आंकड़े बीआइएस के मुताबिक)

ये हो सकती है कार्रवाई
बीआइएस के नियमों के मुताबिक बिना लाइसेंस गोल्ड ज्वैलरी बेचने या नॉन हॉलमार्क ज्वैलरी बेचने वाले ज्वैलर्स के खिलाफ माल जब्ती, पांच लाख रुपए तक आर्थिक दंड और जेल का प्रावधान किया गया है।

विसंगतियों के चलते संकोच कर रहे
हॉलमार्क का कारोबारी खुले दिल से स्वागत कर रहे हैं। एचयूआइडी से उन्हें परेशानी आ रही है। छोटे सराफा कारोबारियों के लिए स्टॉक की काउंटिंग कर पाना मुश्किल है। ऐसी कुछ विसंगतियां हैं जिनके चलते सराफा कारोबारी लाइसेंस लेने में थोड़ा संकोच कर रहे हैं।
- राजा सर्राफ, अध्यक्ष, मप्र सराफा ऐसोसिएशन संघर्ष समिति

137 कारोबारियों ने लिए लाइसेंस
शहर में करीब 600 से अधिक सराफा कारोबारी हैं। इनमें से 400 दुकानदार सिर्फ 40 लाख सालाना टर्नओवर वाले हैं। बाकी 200 दुकानदार ऐसे हैं जो सरकार के नियमों के दायरे में आ रहे हैं। इनमें से अभी तक 137 कारोबारियों ने लाइसेंस लिए हैं।
- पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सोना-चांदी व्यवसाय संघ लश्कर

तत्काल मिल रहा लाइसेंस
्रज्वैलर्स की सुविधा को देखते हुए लाइसेंस फीस फ्री कर दी गई थी। पिछले एक महीने में हॉलमार्क लागू होने के बाद से प्रदेश में लाइसेंस लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पहले आवेदन करने के कुछ समय बाद लाइसेंस मिलता था, लेकिन अब ऑनलाइन तत्काल लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
- पारथा सारथी मंडल, साइंटिस्ट एंड हेड, भारतीय मानक ब्यूरो

Published on:
16 Jul 2021 07:57 am
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