ग्वालियर चंबल में फर्जी सिम माफिया का बडा नेटवर्क सामने आ रहा है। साइबर पुलिस ने प्रदेश में 28 जिलों से बेची गई 36 हजार 668 सिम को फर्जी माना है। इनमें 11 हजार 138 सिम ग्वालियर, चंबल अंचल से बिकी हैं। आंकडे से जाहिर है इलाका फर्जी सिम की फैक्ट्री बन चुका है इनमें […]
ग्वालियर चंबल में फर्जी सिम माफिया का बडा नेटवर्क सामने आ रहा है। साइबर पुलिस ने प्रदेश में 28 जिलों से बेची गई 36 हजार 668 सिम को फर्जी माना है। इनमें 11 हजार 138 सिम ग्वालियर, चंबल अंचल से बिकी हैं। आंकडे से जाहिर है इलाका फर्जी सिम की फैक्ट्री बन चुका है इनमें से ज्यादातर सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी में हुआ है। सिम माफियाओं ने एक ही चेहरे पर कई सिम एक्टीवेट कर साइबर अपराधियों को बेची हैं। अब इन सिम धारकों को ऑपरेशन फेशियल ऑथेंटिक कम्पलाइंस इंर्फोसमेंट (फेस) के जरिए पहचाना जा रहा है। साइबर पुलिस अधिकारियों का कहना है 36,668 सिम फर्जी हैं प्रदेश के 28 जिलों से बेची गई हैं। इन्हें किसने किस नाम से बेचा है इसकी पहचान में पांच साल का वक्त लगा है। फिलहाल कितनी फर्जी सिम ऑपरेट हो रही है उसकाआकंडा लाखों में है।
रेंज में गुना, चंबल में मुरैना आगे
ग्वालियर और चंबल अंचल में बडी तादात में फर्जी सिम बेची गई हैं। ग्वालियर से 463 और 3670 सिम गुना से फर्जी तरीके से बेची गई हैं। जबकि चंबल अंचल में भिंड 2341, दतिया से 1950 और मुरैना से सबसे ज्यादा 2714 फर्जी सिम बेची गई हैं। स्टेट साइबर सेल ने इनकी पहचान की है। इन सिम को बेचने और खरीदने वालों को तलाशा जा रहा है।
रेकार्ड पुराना, कॉल डिटेल में अडचन
पुलिस का कहना है पुलिस सिम तो चिहिंत हो गई हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल कब से हो रहा है। इसका शुरुआती डाटा निकालना मुश्किल है क्योंकि 36 हजार 668 सिम यूजर्स की पांच साल पुरानी कॉल डिटेल मिलना आसान नहीं है। इन सिम को बेचने वालों को तलाशा जा रहा है। उनसे खुलासा होगा कि सिम किसका फोटो लगाकर बेची है।
कहां कितनी फर्जी का सौदा
अनूपपुर 1701, बालाघाट 450, बैतूल 151,भोपाल 1651, छतरपुर 856, देवास 171, होशंगाबाद 260 इंदौर 387
जबलपुर 430, झाबुआ 179, कटनी 1307, खरगोन 334, मंदसौर 105, नरसिंहपुर 1307, रायसेन 315, राजगढ 315, राजगढ 2568, सागर 1204, सीहोर 32, शहडोल 268, सिंगरौली 1958, टीकमगढ 224, उज्जैन 501 और विदिशा 1245 के अलावा ग्वालियर 463, गुना 3670, भिंड 2341, दतिया 1950 और मुरैना 2714 से फर्जी बेची गई हैं।
क्या है ऑपरेशन फेस
सिम खरीदते वक्त पहचान के लिए लगाए गए फोटो से मल्टीपल (ज्यादात तादात) में सिम की बेचने और सिम खरीदने वालों की ऑपरेशन फेशियल ऑथेंटिक कम्पलाइंस इंर्फोसमेंट (फेस) को पहचाना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने उन जिलों की पुलिस को इस तरह सिम की खरीद फरोख्त करने वालों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं।