ग्वालियर

न OTP शेयर किया, न लिंक खोला… फिर भी बैंक खाते साफ, जवान-किसान समेत 3 लोगों से 8.54 लाख की साइबर ठगी

साइबर ठगी के मामलों में अब ऐसा तरीका सामने आ रहा है, जिसने बैंक खाताधारकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्वालियर में तीन लोगों के बैंक खातों से साइबर ठगों ने कुल 8 लाख 54 हजार 600 रुपए उड़ा लिए। खास बात यह है कि पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने न तो किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया।
2 min read
Cyber Crime (photo AI)
Cyber Crime

ग्वालियर। साइबर ठगी के मामलों में अब ऐसा तरीका सामने आ रहा है, जिसने बैंक खाताधारकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्वालियर में तीन लोगों के बैंक खातों से साइबर ठगों ने कुल 8 लाख 54 हजार 600 रुपए उड़ा लिए। खास बात यह है कि पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने न तो किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। इसके बावजूद उनके बैंक खातों से रकम निकल गई। ठगी के शिकार लोगों में एक कारोबारी, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में पदस्थ जवान और किसान शामिल हैं। शिकायतों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कारोबारी के खाते से 4.95 लाख रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर

कुशलनगर पड़ाव निवासी पवन कुमार शांडिल्य (58) ने पुलिस को बताया कि उनका एसबीआइ में बैंक खाता है। 26 अगस्त की दोपहर उनके मोबाइल पर योनो एप से संबंधित एक ओटीपी आया था। उन्होंने यह ओटीपी किसी को नहीं बताया। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 4.95 लाख रुपए निकाले जाने का मैसेज आया।

उन्होंने योनो एप में खाते की जानकारी चेक की तो पता चला कि रकम पश्चिम बंगाल में तापसी पाल नाम के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। पवन के मुताबिक उन्होंने किसी को ओटीपी साझा नहीं किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाते से रकम ट्रांसफर करने के लिए ठगों ने किस तरीके का इस्तेमाल किया।

पीटीएस जवान के पांच बैंक खातों को बनाया निशाना

पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा में पदस्थ जवान प्रभात शर्मा भी साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। प्रभात ने पुलिस को बताया कि अलग-अलग बैंकों में उनके पांच खाते हैं। 24 अगस्त को साइबर ठगों ने इन सभी खातों में सेंध लगाकर रकम निकाल ली।

ठगों ने केनरा बैंक खाते से 99 हजार, एचडीएफसी बैंक से 19 हजार, एसबीआइ खाते से 22 हजार, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से 35 हजार और आइडीबीआइ खाते से 99 हजार रुपए निकाल लिए। इस तरह पांचों खातों से कुल 2 लाख 74 हजार रुपए की रकम गायब हो गई।

फोन पे से पैसे ट्रांसफर करने गए तो खाते में रकम ही नहीं मिली

सौजना गांव निवासी किसान अर्जुन सिंह कुशवाह को खाते से रकम निकलने का पता उस समय चला, जब वे फोन पे के जरिए किसी को पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहे थे। उनके यूनियन बैंक खाते में 85 हजार 600 रुपए थे, लेकिन खाते से यह रकम गायब हो चुकी थी।

अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि उनके खाते से रकम कब और किस तरीके से निकाली गई। उन्होंने न तो किसी व्यक्ति को ओटीपी बताया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने की बात कही है।

तीनों मामलों में पुलिस खंगाल रही डिजिटल ट्रांजेक्शन

तीनों मामलों में पुलिस बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री, संबंधित खातों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पीड़ितों के बैंक खातों तक साइबर ठगों की पहुंच कैसे बनी। खासकर उन मामलों की जांच की जा रही है, जिनमें पीड़ितों ने ओटीपी साझा करने या संदिग्ध लिंक खोलने से इनकार किया है।

Updated on:
02 Sept 2026 06:05 pm
Published on:
02 Sept 2026 06:05 pm