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मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई : होटल, मिष्ठान भंडार, मीट शॉप में मिली गंदगी

28 प्रकरणों में 67,500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। इनमें धारा 248 के तहत गंदगी फैलाने के छह और धारा 322 के तहत अतिक्रमण के 22 प्रकरण शामिल हैं
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मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई : होटल, मिष्ठान भंडार, मीट शॉप में मिली गंदगी

मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई : होटल, मिष्ठान भंडार, मीट शॉप में मिली गंदगी


ग्वालियर. शहर में गंदगी फैलाने और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में मोबाइल कोर्ट ने मंगलवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए 28 प्रकरणों में 67,500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। इनमें धारा 248 के तहत गंदगी फैलाने के छह और धारा 322 के तहत अतिक्रमण के 22 प्रकरण शामिल हैं।
खास बात यह रही कि तीन मामलों में संबंधित लोगों ने मौके पर जुर्माना जमा करने से इनकार कर दिया। अब इन प्रकरणों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। नगर निगम और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने थाटीपुर, गोङ्क्षवदपुरी, गोले का मंदिर, मुरार बारादरी और सदर बाजार सहित कई क्षेत्रों में कार्रवाई की।

गोले का मंदिर में मिष्ठान भंडार पर 10 हजार का जुर्माना


गोले का मंदिर क्षेत्र में श्रीराम मिष्ठान भंडार पर अतिक्रमण और गंदगी के मामले में 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसी क्षेत्र में अतिक्रमण के चार अन्य मामलों में कुल 8 हजार रुपए की वसूली की गई।
गोङ्क्षवदपुरी स्थित होटल मोजिक पर गंदगी फैलाने के मामले में 5 हजार रुपए और मुरार के 7 नंबर चौराहा स्थित होटल नारायणम पर 2 हजार का जुर्माना किया गया।
मीट शॉप और फर्नीचर दुकानों पर भी कार्रवाई : थाटीपुर क्षेत्र में बसीम मीट शॉप, खान मटन शॉप और कुरैशी मीट शॉप पर गंदगी फैलाने के मामले में 2-2 हजार की पेनाल्टी लगाई गई।
मुरार बारादरी में खाटू श्याम फर्नीचर और साहिल स्टील फर्नीचर पर अतिक्रमण के मामले में 5-5 हजार रुपए का जुर्माना किया गया। वहीं सदर बाजार में
अतिक्रमण के 10 प्रकरण बनाए गए और 20 हजार की वसूली हुई।
जुर्माना नहीं दिया तो कोर्ट में होगी सुनवाई : नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया ने बताया कि तीन मामलों में संबंधित लोगों ने जुर्माना जमा नहीं किया है। इन प्रकरणों को अब न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने कहा कि शहर में स्वच्छता और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।