शहर में ई रिक्शा का संचालन व्यवस्थित करने के लिए कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। शहर के पांच स्थानों पर इनका पंजीयन भी 12 जून से शुरू हो जाएगा। पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई रिक्शा के चलने की गाइड लाइन जारी होगी। ई रिक्शा के शहर में चलने की जो गाइड […]
शहर में ई रिक्शा का संचालन व्यवस्थित करने के लिए कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। शहर के पांच स्थानों पर इनका पंजीयन भी 12 जून से शुरू हो जाएगा। पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई रिक्शा के चलने की गाइड लाइन जारी होगी। ई रिक्शा के शहर में चलने की जो गाइड लाइन तैयारी की गई है, उसमें टाइमिंग का विकल्प रखा गया है। पूरे ई रिक्शा एक साथ शहर में न दौड़ें, उसके लिए ई रिक्शा को चलाने के लिए 6-6 घंटे मिलेंगी। पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रहेगी। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे के बीच की होगी। इसके अलावा रूट के हिसाब से कलर कोडिंग भी की जाएगी, जिससे ई रिक्शा की पहचान हो सके कि वह किस रूट का है। यदि नियम तोडक़र दूसरे जोन में पहुंचता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
दरअसर शहर में ई रिक्शा की संख्या 11 हजार से अधिक पहुंच गई है। शहर की प्रमुख सडक़ों पर ई रिक्शा ही नजर आते हैं, जिससे शहर की ट्रेफिक व्यवस्था बिगड़ गई है। शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच बाजारों में ई रिक्शा की वजह से ज्यादा हालत खराब रहती है। ई रिक्शा से बिगड़ रहे यातायात को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने ट्रेफिक पुलिस व नगर निगम की कमेटी बनाई। इस कमेटी ने ई रिक्शा चालकों से बात करने के बाद एक गाइड लाइन तैयार की है। इस गाइड लाइन के तहत ही ई रिक्शा को चलाने की अनुमति मिलेगी।
-हजीरा, महाराज बाड़ा, थाटीपुर, गोला का मंदिर, बहोड़ापुर में ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाएगी। जनमित्र या लोक सेवा गारंटी केंद्र पर अपने दस्तावेज जमा करने होंगे।
- चालकों को ई रिक्शा के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस व घर का पता भी देना होगा। इससे चालक के इलाके पहचान हो सके।
- ई रिक्शा के लिए तीन जोन बनाए गए हैं। महाराज बाड़ा, मुरार व ग्वालियर के नाम से जोन बनेंगे।
- ई रिक्शा चालकों को उसके घर के पास के रूट पर चलाने की प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद उससे रूट की प्राथमिकता मिलेगी। रूट पर संख्या निर्धारित रहेगी। इसके चलते लॉटरी से आवंटन होगा।
ई रिक्शा का नहीं रिकॉर्ड, इसलिए संकलित किया जा रहा
- वर्तमान में ई रिक्शा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इनका रिकॉर्ड संरक्षित करने के लिए एनआइसी पर सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। वर्तमान में चालक ई रिक्शा को पूरे शहर में लेकर घूम रहे हैं। चौराहों पर भीड़ लगाकर इकट्ठा हो रही है, जिससे चौराहे जाम हो रहे हैं। अपनी मर्जी से इनका संचालन कर रहे हैं।
- यदि ई रिक्शा में कोई घटना हो जाती है तो उनकी पहचान करना भी मुश्किल है, क्योंकि कई बिना नंबर प्लेट के भी दौड़ रहे हैं। न इनके पास बैच नंबर और न बर्दी में चल रहे हैं।
शहर में टैंपो भी ट्रेफिक के लिए सिरदर्द है। वैसे 1200 टैंपों को परमिट है, लेकिन अवैध भी शहर में दौड़ रहे हैं। चौराहों पर ई रिक्शा की तरह टैंपो इक_ा होकर खड़े हो रहे हैं। चौराहों पर नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। टैंपो की वजह से शहर में जाम लगता है।
- टैंपो भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते इनके संचालन के लिए गाइड लाइन की जरूरत है।
12 जून तक ई रिक्शा का पंजीयन शुरू हो जाएगा। पंजीयन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पांच जगह ई रिक्शा चालक अपना पंजीयन करा सकते हैं। शहर में 6-6 घंटे का स्लॉट देने का भी प्रस्ताव तैयार किया है। सभी को चलने का मौका मिल सके और सडक़ों पर ई रिक्शा का लोड न आए।
अजीत सिंह चौहान, यातायात डीएसपी