Mp Election Result 2018: कांग्रेसी मुन्नालाल को मिला जनता का सर्मथन, भाजपा प्रत्याशी बोले मुझे अपनों ने हराया
मैं वचन देता हूं... मैं शुरुआत से ही गरीबों की लड़ाई लड़ता रहा हूं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता रहा हूं। जनता ने मुझे जिताकर जो भरोसा मुझमें जताया है, उसे कभी नहीं तोडूंगा।
मुन्नालाल गोयल, ग्वालियर पूर्व
ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर व्यापारी वर्ग है। कांग्रेस प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल की वैश्य समाज से होने के नाते व्यापारी वर्ग में अच्छी पैठ है, इसका उन्हें लाभ मिला। अपने समाज के साथ दूसरे समाजों में भी उनकी अच्छी पकड़ है। वे लंबे समय से जनता की समस्याओं को लेकर आंदोलन करते रहे हैं, इससे आम लोगों से उनकी नजदीकियां हैं, जो चुनाव में काम आईं।
लाइव रिपोर्ट
ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के मतों की गिनती मंगलवार को सुबह आठ बजे से शुरू हो गई थी। मतगणना में लगे कर्मचारी सुबह पौने सात बजे ही एमएलबी कॉलेज स्थित मतगणना स्थल पर पहुंच गए थे। इस बार प्रत्याशियों के मतगणना एजेन्ट एक-एक वोट पर पूरी नजर रखे हुए थे। कई बार कांग्रेस के मतगणना एजेन्टों को शंका हुई तो उन्होंने आपत्ति भी की। गणना की शुरुआत में भाजपा प्रत्याशी सतीश सिंह सिकरवार बढ़त बनाए रहे, लेकिन सातवें राउंड की गिनती से गोयल ने बढ़त लेना शुरू कर दिया, इसके बाद वह आखिरी तक आगे चलते रहे।
जनता के लिए संघर्ष आया काम
मुन्नालाल गोयल की शुरुआत से ही शैली संघर्ष वाली रही है। यह लंबे समय से जनता दल, सपा और कांग्रेस में रहकर आंदोलन करते रहे। लंबे समय से वह अपने विस क्षेत्र में जनता की समस्याओं को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के विरुद्ध आंदोलन करते रहे हैं, जनता को साथ में लेकर धरने भी देते रहे। व्यापारियों के बीच भी वह समय-समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे। इस बीच व्यापारियों के बीच भाजपा प्रत्याशी को लेकर तरह-तरह की अफवाह फैलाई गईं, वहीं नोटबंदी और जीएसटी को लेकर व्यापारियों में जो नाराजगी थी, उसका भी फायदा गोयल को मिला। इसके साथ ही सिकरवार को लेकर जो नाराजगी थी, उसका लाभ भी कांग्रेस प्रत्याशी को मिला। शिवराज सिंह और मोदी के प्रति नाराजगी ने भी जीत दिलाई।
हार के कारण, काम होता तो बच जाती लाज
दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के प्रत्याशी सतीश सिकरवार चार साल से लगातार मेहनत कर और कोई न कोई आयोजन कर जनता से जुड़े रहे। उनके कई क्षेत्रों की जनता से आत्मीय संबंध बन गए थे। इस क्षेत्र में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का पैतृक निवास है, यहां से जो विधायक रहीं, प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं, उन्होंने डीडी नगर और शताब्दीपुरम जैसी घनी बस्ती में काम नहीं किए, जिससे जनता में बेहद नाराजगी बनी थी। इसके साथ ही यहां निवास करने वाले पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनको सपोर्ट नहीं किया, बल्कि हराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए। इसके साथ ही एट्रोसिटी एक्ट का प्रभाव इस सीट पर देखने को जरूर मिला।
पिछले चुनावों में वोट शेयर 2008
पिछले चुनावों में वोट शेयर 2013
"रेकॉर्ड - यहां से मायासिंह विधायक रहीं।" |
कोर टीम ने संभाला मोर्चा
ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए कांगे्रस प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल ने अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग कोर टीम बनाई थीं। यह कोर टीम नामांकन जमा करने के दिन से ही पूरी तैयारी के साथ जुट गई थीं। कोर टीम ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस टीम की वजह से मुन्नालाल गोयल को बड़ी जीत मिली। इस टीम में उन्होंने हर वर्ग और कार्यकर्ताओं को अधिक शामिल किया था। कोर टीम की प्लानिंग को वे देर रात बैठक में फायनल करते थे।
इस पर काम हो तो बात बने
लोकसभा चुनाव में भी दिखेगा असर
जनता ने बदलाव की कही थी और उसे करके भी दिखा दिया है। इसका असर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। चेंजमेकर्स अभियान का व्यापक असर देखने को मिला।
डॉ.प्रवीण अग्रवाल, चेंजमेकर्स
जनता कुछ भी कर सकती है
इस बार के चुनाव को देखकर लगा कि जनता कुछ भी कर सकती है। वह यदि बदलाव के बारे में सोच ले तो उसे करके दिखा देती है। मुझे वालंटियर बनकर काफी अच्छा लगा।
गंगाराम, डबरा विधानसभा
अपनों ने ही धोखा दिया
मेरे जनता सेे आत्मीय संबंध हो गए थे। जनता भी मुझे चाहती थी, लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जो नहीं चाहते थे, उन्होंने मेरे बारे में तरह-तरह की अफवाहें फैलाईं। मैं चुनाव नहीं हारा, मुझे हरवाया गया है, लेकिन जनता की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा।
सतीश सिकरवार, प्रत्याशी भाजपा